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Lucknow News: विवादित ढांचों में आरती, हनुमान चालीसा पढ़ने पहुंचे, पुलिस ने रोका

Wed, 27 May 2026 02:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 02:26 AM IST
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People went to perform Aarti and recite Hanuman Chalisa at the disputed structures, but were stopped by the police
पुलिस के रोकने पर सड़क पर हनुमान चालीसा का किया पाठ।
मलिहाबाद। कसमंडी कलां में दो पुराने ढांचों पर विवाद के बाद प्रशासन के सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद मंगलवार दोपहर अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने अंदर पहुंचकर आरती करने की कोशिश की। पुलिस ने रोका तो उसके सामने ही सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। कुछ देर बाद अखंड आर्य त्रिदंडी महासभा के गौरव गोस्वामी भी पहुंच गए और हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें विवादित स्थल से करीब 200 मीटर पहले ही रोक दिया। इसके बाद उन्होंने सड़क किनारे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
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गौरव संबंधित पुराने ढांचा के शिव मंदिर होने का दावा कर रहे थे। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम पक्ष के वहां हर शुक्रवार को पढ़ी जाने वाली नमाज को रोकने की मांग की। उनका कहना है कि संबंधित स्थल महाराजा कंसा पासी का किला था। लिहाजा इसमें नमाज बंद कर शिव मंदिर पासी समाज को सौंपना चाहिए। तैनात पुलिस अधिकारियों को इस आशय का ज्ञापन भी सौंपा गया।
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सूरज, योगेश पासी को किया हाउस अरेस्ट

पुराने ढांचों पर पहुंचकर हनुमान चालीसा पढ़ने की चेतावनी देने वाले लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी और सुहेल देव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी को पुलिस ने सोमवार रात हाउस अरेस्ट कर लिया। इंस्पेक्टर मलिहाबाद सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि विवादित स्थल पर के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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सौ मीटर दूरी पर बने मदरसे में लगा ताला

विवादित ढांचों से सौ मीटर दूर स्थित मदरसा सुलेमानिया एजुकेशनल विवाद पैदा होने के बाद से बंद है। विवादित ढांचे में जुमे की नमाज पढ़ाने वाले मौलाना ही यहां गांवों के 20 बच्चों को पढ़ाते हैं। कसमंडी के ग्रामीणों ने बताया कि विवाद बाहरी लोग कर रहे हैं। मलिहाबाद क्षेत्र के ग्रामीण, क्षेत्रवासी और स्थानीय जनप्रतिनिधि फिलहाल इससे दूरी बनाए हैं।



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दोनों समुदाय के लोगों ने की बैठक

कसमंडी कलां के दोनों समुदाय के ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के साथ सोमवार देर रात बैठक की। इसमें विवाद खत्म करने और सौहार्द बनाए रखने के लिए ढांचों से दूरी बनाने की बात कही गई। दोनों समुदाय के लोग समाधान न निकलने तक इन ढांचों में किसी प्रकार का धार्मिक कार्य न करने की बात कह रहे हैं।




विवाद के बाद नमाज होने पर गरमाया मुद्दा

21 मई को सूरज पासी के प्रदर्शन और नमाज रोकने के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपने के अगले दिन पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में नमाज होने से मुद्दा गरमा गया। कई हिंदू संगठन के लोग पहुंचे और प्रशासन पर नमाज पढ़ाने का भी आरोप लगाया। मौलाना जमील ने नमाज के बाद बताया था कि दस वर्षों से वह नमाज पढ़ा रहे हैं। संबंधित स्थल पर दशकों से हर शुक्रवार को नमाज हो रही है। मुस्लिम पक्ष के लोगों का कहना है कि जांच के बाद हकीकत सामने आ जाएगी। गांव की रेखा बताती हैं कि करीब एक साल से नमाज पढ़ी जा रही है। घर के बुजुर्ग बताते थे कि कई वर्ष पहले यह मंदिर था। इसमें पूजा-पाठ भी होती थी।
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