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‘हाशिम’ बिन सूनी ढांचा विध्वंस की 25वीं बरसी, अब सिर्फ यादें

Tue, 06 Dec 2016 02:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 06 Dec 2016 02:41 PM IST
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People to feel absence of hashim ansari.
हाशिम अंसारी

विवादित ढांचा विध्वंस की 25वीं बरसी इस मामले के मुख्य मुद्दई हाशिम अंसारी के बिन सूनी रहेगी। छह दिसंबर को मुख्य कार्यक्रम पहले कई दिनों से पांजीटोला स्थित उनके आवास पर मीडियाकर्मियों, विभिन्न दलों व संगठनों के लोगों के जमावड़े में इस वर्ष अयोध्या की आवाज को दूर तक पहुंचाने वाले हाशिम अंसारी की कमी महसूस की जा रही है।

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वर्ष 1992 में विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद वह इसके पुनर्निर्माण की लड़ाई इसी पांजीटोला स्थित पुश्तैनी आवास में रहकर अंतिम सांस लेने तक लड़ते रहे।

दरअसल, यहां होने वाले शौर्य व गम के इन्हीं आयोजनों के जरिये हाशिम अंसारी की आवाज केंद्र व राज्य सरकारों तक पहुंचती थी। यही वजह है कि हाशिम के एक बयान पर सपा सरकार के मंत्री व विधायक उन्हें मनाने व समझाते पहुंच जाते थे।

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अपने बेटे को सौंप दी थी मुख्तारी

People to feel absence of hashim ansari.
हाशिम का बेटा इकबाल अंसारी - फोटो : amar ujala

बता दें, वर्ष 1949 से विवादित ढांचे की पैरवी करने वाले मो. हाशिम अंसारी ने 20 जुलाई 2016 को अंतिम सांस लेने से पूर्व अपने पुत्र इकबाल अंसारी को मुकदमे की मुख्तारी दे दी थी।

इसके बाद से अयोध्या की फिजाओं में हाशिम की बेबाक और बुलंद आवाज की कमी महसूस की जा रही है।

उनके इंतकाल के महज चार महीने बाद ही पांजीटोला स्थित उनके पुश्तैनी जर्जर मकान का ढांचा बदल गया। इस बार ढांचा विध्वंस की बरसी पर यहां पहुंच रहे लोग इसी बदलाव पर चर्चा करते दिख रहे हैं।

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