फेल हुआ अखिलेश का ड्रामा, जनता ने ही उठाए सवाल
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श्रावस्ती जिले में औचक निरीक्षण के दौरान छह अधिकारियों के निलंबन पर जनता ही सवाल उठा रही है। लोगों ने अखिलेश के फैसले को मात्र दिखाया करार दिया है।
इकौना तहसील क्षेत्र के भरथापुर में बुधवार को मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के बाद छह अधिकारियों के निलंबन के साथ डीएम के स्थानांतरण की कार्रवाई कर दी गई।
मुख्यमंत्री के इस फैसले से जिले के लोग संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। आम लोगों का मानना है कि जब जिले को राज्य सरकार बिजली ही नहीं दे रही तो आपूर्ति बहाली के नाम पर अधिशासी अभियंता विद्युत का निलंबन महज दिखावा है।
कम मिल रही है बिजली
जिले में बारह मिलियन यूनिट की मांग के सापेक्ष शासन द्वारा मात्र नौ मिलियन यूनिट बिजली ही दी जा रही है। इसमें से करीब दो मिलियन यूनिट बिजली लाइन लॉस के नाम पर बर्बाद हो रही है।
इसके बावजूद शासन द्वारा जिले को न तो मांग के सापेक्ष आपूर्ति दी जा रही है और न ही लाइन लॉस रोकने के लिए कोई व्यवस्था ही की गई।
चार वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र भी शासन से पर्याप्त बजट न मिल पाने के कारण अब तक जिलेवासियों को अपनी सेवा नहीं दे सका।
वहीं जिले में बिजली निगम का स्टोर न होने के कारण उपकरण सहित बिजली के लिए जिलेवासियों को आज भी बहराइच के ही सहारे रहना पड़ रहा है।
सीएम के कदम से जिलेवासी मायूस
ऐसे में बुधवार को भरथापुर गांव में पर्याप्त बिजली न मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री द्वारा अधिशासी अभियंता विद्युत विनय कुमार के निलंबन की कार्रवाई से जिलेवासी मायूस हैं।
बुद्धजीवियों का मानना है कि जब जिले में शासन से बिजली ही नहीं मिलती तो अधिशासी अभियंता आपूर्ति कैसे दे सकते हैं।
ऐसे में लोग इसे मुख्यमंत्री पर अपनी सरकार की खामियों को छिपाने के लिए एकतरफा कार्रवाई बता रहे हैं।