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Lucknow News: बड़ी आंत के कैंसर के प्रति लोग सतर्क नहीं
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। लोग बड़ी आंत के कैंसर के प्रति सतर्क नहीं हैं। वे लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं और बार-बार मल त्याग की इच्छा को गंभीरता से नहीं लेते। इसे अक्सर पाचन संबंधी सामान्य परेशानी मान लिया जाता है।
लाइफस्टाइल एवं डाइजेस्टिव हेल्थ अवेयरनेस के सर्वे में ये तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें शुक्रवार को प्रेसक्लब में साझा किया गया। सर्वे में 14 शहरों के 10,198 लोगों को शामिल किया गया। इनमें लखनऊ के 557 लोग भी थे, जिनमें 258 पुरुष और 299 महिलाएं थीं। मर्क स्पेशालिटीज प्राइवेट लिमिटेड की सहायता से हुए सर्वे में लखनऊ में लगभग 90 फीसदी लोगों ने पेट संबंधी समस्याओं का खुद ही इलाज करने की बात स्वीकार की। 85.6 प्रतिशत लोगों ने मल त्याग की आदतों में बदलाव होने पर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी। 61.2 फीसदी लोगों ने अनियमित मल त्याग की इच्छा होने की बात कही।
मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक पाठक ने बताया कि 82 फीसदी लोग यह नहीं जानते कि मल में खून कोलोरेक्टल कैंसर की चेतावनी है। केवल अठारह फीसदी लोगों को ही इस खतरे की जानकारी थी।
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लाइफस्टाइल एवं डाइजेस्टिव हेल्थ अवेयरनेस के सर्वे में ये तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें शुक्रवार को प्रेसक्लब में साझा किया गया। सर्वे में 14 शहरों के 10,198 लोगों को शामिल किया गया। इनमें लखनऊ के 557 लोग भी थे, जिनमें 258 पुरुष और 299 महिलाएं थीं। मर्क स्पेशालिटीज प्राइवेट लिमिटेड की सहायता से हुए सर्वे में लखनऊ में लगभग 90 फीसदी लोगों ने पेट संबंधी समस्याओं का खुद ही इलाज करने की बात स्वीकार की। 85.6 प्रतिशत लोगों ने मल त्याग की आदतों में बदलाव होने पर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी। 61.2 फीसदी लोगों ने अनियमित मल त्याग की इच्छा होने की बात कही।
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मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक पाठक ने बताया कि 82 फीसदी लोग यह नहीं जानते कि मल में खून कोलोरेक्टल कैंसर की चेतावनी है। केवल अठारह फीसदी लोगों को ही इस खतरे की जानकारी थी।
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