{"_id":"64c2340c11d4a35c9605cceb","slug":"patients-are-being-shifted-to-icu-by-e-rickshaw-in-balrampur-hospital-2023-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: डिब्बा बने वेंटिलेटर, ई रिक्शा से आईसीयू शिफ्ट हो रहे मरीज, दो मरीजों की जा चुकी है जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow: डिब्बा बने वेंटिलेटर, ई रिक्शा से आईसीयू शिफ्ट हो रहे मरीज, दो मरीजों की जा चुकी है जान
Thu, 27 Jul 2023 04:32 PM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 27 Jul 2023 04:32 PM IST
सार
बलरामपुर की इमरजेंसी में लगे वेंटिलेटर शोपीस बने हैं। वहीं, अति गंभीर मरीज ई-रिक्शा से आईसीयू में शिफ्ट कराए जा रहे हैं। ऐसे में उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है।
विज्ञापन
इमरजेंसी के बाहर खड़ा रिक्शा।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलरामपुर की इमरजेंसी में लगे वेंटिलेटर शोपीस बने हैं। वहीं, अति गंभीर मरीज ई-रिक्शा से आईसीयू में शिफ्ट कराए जा रहे हैं। ऐसे में उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है। ई रिक्शा में न तो ऑक्सीजन सपोर्ट की सुविधा है और न ही किसी चिकित्सकीय उपकरण की। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वेंटिलेटर के लिए हाई प्रेशर ऑक्सीजन प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। इसके बाद इन पर मरीजों की भर्ती शुरू हो सकेगी।
विज्ञापन
बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना 100 से 150 मरीज भर्ती होते हैं। इसमें करीब तीन से चार मरीजों को आईसीयू की जरूरत पड़ती है। इमरजेंसी में वेंटिलेटर की सुविधा न होने के कारण मरीज को तीन सौ मीटर दूर आईसीयू में भेजा जाता है। इसके लिए ई रिक्शा का उपयोग किया जाता है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी के इस जिले में बिना मान्यता चल रहे 491 मदरसे, चीन-पाकिस्तान से आता है पैसा
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - नेपाल-भारत मैत्री सेवा: एक की अनुमति, चल रहीं 15 बसें, परिवहन निगम को हर रोज लाखों का नुकसान
बीते दिनों आईसीयू में शिफ्टिंग के दौरान दो मरीजों की जान चली गई थी। फजीहत बाद अफसरों ने दो वेंटिलेटर इमरजेंसी में लगा दिए, लेकिन अभी तक वे बंद पड़े हैं। मामले में अस्पताल के निदेशक डॉ. एके सिंह का कहना है कि वेंटिलेटर लग गए हैं। उनके संचालन लिए हाईप्रेशर ऑक्सीजन प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा डॉक्टर व स्टाफ की भी ड्यूटी तय हो रही है।