फ्लाइट में यात्री ने जोखिम में डाल दी 170 की जान, ये किया कारनामा, मचा हड़कंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगलूरू से लखनऊ आ रही गोएयर की फ्लाइट में उस वक्त हड़कम्प मच गया, जब विमान रनवे पर रफ्तार भरने जा रहा था और एक यात्री ने आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी विंडो) खोल दी। आनन-फानन पायलट ने विमान को रोका। इसके बाद यात्री को सुरक्षाबल ने हिरासत में ले गए और पूछताछ की।
अन्य यात्रियों को दूसरे विमान से लखनऊ रवाना किया गया। विमान में क्रू समेत 170 यात्री सवार थे। गो एयर की फ्लाइट संख्या जी8-805 बीते बृहस्पतिवार को सुबह 8.20 बजे बंगलूरू एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान भरने को तैयार थी।
विमान को रनवे पर लाया गया और इसी दौरान फ्लाइट में बैठे लखनऊ के यात्री सुनील ने इमरजेंसी एग्जिट गेट खोल दिया। सुनील बंगलूरू में ही कारपेंटर का काम करता है। एग्जिट गेट खुलने की जानकारी तत्काल कॉकपिट में बैठे पायलट को हो गई इमरजेंसी गेट खुलने की सूचना मिलते ही विमान में बैठे यात्रियों की सांसे फूल गईं।
इमरजेंसी विंडो सीट के लिए अतिरिक्त शुल्क
हालांकि विमान को रोक दिया गया और यात्रियों को दूसरे विमान से रवाना किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने सुनील से कड़ाई से पूछताछ की। उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, लेकिन विमान से दोबारा यात्रा नहीं करने दी गई। विमान की गहन जांच-पड़ताल के लिए इंजीनियरों की टीम बुलाई गई।
विमान की इमरजेंसी विंडो डैनों पर खुलती है। इससे आपात स्थिति में पैसेंजरों को स्लाइडर की मदद से डैनों के मार्फत नीचे उतारा जाता है। ‘नीरजा’ फिल्म में इसे दिखाया गया है। इमरजेंसी विंडो सीट के लिए अतिरिक्त शुल्क लगता है। दरअसल, इस सीट पर पैर फैलाने व सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह होती है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत हो जाती है।
देखें, इन्हें नहीं मिलती इमरजेंसी सीट
-12 साल से कम उम्र के यात्रियों को
-शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग यात्रियों को
-कुत्ते, बिल्ली व अन्य जानवरों के साथ यात्रा करने वालों को
-ऐसे यात्रियों को, जिन्हें विमान क्रू/यात्रियों द्वारा बोली जाने वाली भाषा न आती हो
हवा में खुलती तो होता बड़ा हादसा...
हालांकि, ऑक्सीजन मास्क विमान में रहते हैं। इतना ही नहीं, गर इसे ठंडे इलाकों में बीच हवा में झटके से खोल दिया जाए तो अंदर का तापमान जमा देने जैसा भी हो सकता है।