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इंटरकास्ट मैरिज करने पर छह महीने तक लड़की के साथ हुआ ये सब, खिड़की से फेंके लेटर से खुली पोल

Sun, 16 Jun 2019 11:06 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 16 Jun 2019 11:06 AM IST
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parents tortured their daughter from 6 months, now freed in lucnow
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ में अंतरजातीय विवाह विरोधी रसूखदार परिवार ने अपनी ही बेटी को छह महीने तक घर में बंधक बनाए रखा। किसी को पता ही नहीं चला कि युवती कहां गई। प्रेमी उसे तलाशता रहा, लेकिन वह नहीं मिली। चार दिन पहले युवती ने एक लेटर लिखकर खिड़की से नीचे फेंका।

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उस पत्र के जरिए किसी ने उसके प्रेमी को फोन कर लेटर के बारे में बताया। दो दिन पहले प्रेमी ने आशा ज्योति केंद्र से प्रेमिका को छुड़वाने की गुहार लगाई। शुक्रवार को केंद्र प्रभारी अर्चना सिंह व उनकी टीम ने पुलिस के साथ गोमतीनगर स्थित अपार्टमेंट में छापा मार कर युवती को छुड़वाया और अपने साथ ले गईं।
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युवती को शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। वहीं, उसके अगले ठिकाने का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रेेमिका ने पिता के घर जाने से इनकार कर दिया है। युवती ने बताया कि उसके मामा सपा सरकार में मंत्री थे। युवक का परिवार भी राजनैतिक रूप से मजबूत है।

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दो साल पहले मुलाकात आर्यसमाज मंदिर में शादी

parents tortured their daughter from 6 months, now freed in lucnow
प्रतीकात्मक तस्वीर

मूलरूप से बलिया की रहने वाली युवती गोमतीनगर विस्तार इलाके में एक अपार्टमेंट में परिवार संग रहती है। युवक भी गोमती नगर का रहने वाला है। युवती के मुताबिक, फरवरी 2017 में दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया। शादी का फैसला किया तो दोनों के घरवाले विरोध में आ गए।

बंदिशों का दौर शुरू हुआ। युवती के घरवाले उसे बलिया लेकर चले गए। विरोध का सिलसिला बढ़ा तो दोनों घर से भाग गए और आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली।

युवती ने आशा ज्योति केंद्र की प्रशासनिक अधिकारी अर्चना सिंह को बताया कि उस पर घरवाले कैमरे से नजर रखते थे। कमरे में कैद कर रखा था, सिर्फ खाना खाने और नित्यक्रिया के समय ही दरवाजा खुलता था। उस समय पूरा परिवार पहरा देता था।

इसके बाद फिर कमरे में बंद कर दिया जाता था। दोनों का परिवार रसूखदार व राजनैतिक रूप से मजबूत है। घर से भागे युवक-युवती को तलाश लिया। युवक को हवालात भेजा और युवती को साथ ले गए। युवती के मुताबिक, उसके परिवारीजनों ने असलहों के दम पर शपथ पत्र पर दस्तखत करवाए कि युवक से कोई सरोकार नहीं है।

खिड़की के रास्ते फेंका पत्र

parents tortured their daughter from 6 months, now freed in lucnow
प्रतीकात्मक तस्वीर

आशा ज्योति केंद्र पर बृहस्पतिवार को पहुंचे प्रेमी ने बताया कि उसे एक अंजान नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने लेटर का जिक्र किया। आठ पन्ने के पत्र में युवती ने सारा दर्द बयां किया। वह पत्र लेकर युवक आशा ज्योति केंद्र आया और अपनी प्रेमिका को मुक्त कराने की मांग की। अर्चना सिंह ने बताया कि टीम तैयार की गई। शुक्रवार की सुबह 10 बजे अपार्टमेंट में पहुंचकर युवती को मुक्त कराया गया।

अर्चना सिंह के मुताबिक, युवती को मुक्त करवा कर जैसे ही टीम आगे बढ़ी, कई गाड़ियों का काफिला उनके पीछे आया। युवती को साथ ले जाने का दबाव बनाया, लेकिन उसने जाने से मना कर दिया। अर्चना सिंह ने बताया कि युवती को शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उसका बयान दर्ज कराया जाएगा।

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