बसों में महिलाओं से बदसुलूकी की तो खैर नहीं, बटन दबाते ही सफर में मिलेगी पुलिस की मदद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसों में महिलाओं से बदसुलूकी करने वालों की अब खैर नहीं होगी। लखनऊ में पहली बार 40 इलेक्ट्रिक सिटी बसों को पुलिस सेवा के डायल-100 से जोड़ा जाएगा। सफर के दौरान महिला यात्री मुसीबत में पैनिक बटन दबाकर पुलिस की मदद ले सकेंगी।
इससे छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी की 40 इलेक्ट्रिक सिटी बसों को ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) एवं व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) से लैस करने जा रहा है।
सिस्टम को चालू करने के लिए 80 कनेक्टिविटी सिम खरीदे जाएंगे। एक-एक बस में दो-दो कनेक्टिविटी सिम लगेंगे जिससे जीपीएस और वीटीएस चालू होगा।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
जीपीएस के चालू होने पर उसका डायल-100, दुबग्गा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, केंद्र प्रभारी एवं कार्यशाला के फोरमैन से सीधे कनेक्ट हो जाएगी। यात्री के पैनिक बटन दबाने पर डायल-100 एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सहित चारों लोगों को अलर्ट पहुंचेगा।
अलर्ट मिलते ही यात्री की मदद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए सर्वर रूम बनाया जाएगा। इस व्यवस्था से ट्रांसपोर्ट कंपनी भी डिपो कार्यालय से सिटी बस की ट्रैकिंग कर लोकेशन का पता लगा सकेगी।
100 मीटर पहले स्टॉप का अनाउंसमेंट
वीटीएस का कनेक्टिविटी सिम चालू होने पर ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट भी शुरू हो जाएगा। इससे इलेक्ट्रिक सिटी बसों में सफर करने वाले यात्रियाें को आने वाले स्टॉप की 100 मीटर पहले ही जानकारी मिलेगी, ताकि वे अलर्ट हो सकें।
इलेक्ट्रिक सिटी बसों के पैनिक बटन चालू होने से महिला यात्री सुरक्षित सफर कर पाएंगी। इसके लिए कनेक्टिविटी सिम खरीदे जा रहे हैं। इससे बस का डायल-100 से भी कनेक्शन हो सकेगा।
- आरिफ सकलेन, प्रबंध निदेशक लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी