घर के बाहर गाड़ी खड़ी की, तो लगेगा फाइन
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नगर निगम उन लोगों से शुल्क वसूलने की तैयारी कर रहा है, जो घर के बाहर
इसी तरह बाजारों के बाहर खड़े होने वाले वाहनों से भी शुल्क वसूली की तैयारी है। इससे नगर निगम को हर महीने तीन करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की उम्मीद है।
इस संबंध में महापौर की ओर से चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष को अधिनियम में प्रावधान करने के लिए प्रस्ताव सौंपा गया है। यह प्रस्ताव शहरवासियों पर कर (गृहकर-जलकर) में बढ़ोतरी की बजाय अन्य उपायों से आय बढ़ाने को लेकर दिया गया है।
सड़क
पर गाड़ियां खड़ी करने वालों से शुल्क वसूली का प्रस्ताव यदि शासन में पास
हो गया तो नगर निगम को सालाना करीब 36 करेाड़ रुपये आमदनी का अनुमान है।
महापौर डॉ. दिनेश शर्मा की ओर से जो प्रस्ताव दिया गया है, उसमें कहा गया
है कि शहर में करीब 12 लाख वाहन हैं, जिनमें से करीब एक लाख वाहन सड़क पर
ही खड़े किए जाते हैं।
यदि ऐसे वाहनों पर दस रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाए
तो हर महीने करीब तीन करोड़ रुपये की आय होगी।
इसी
तरह शहर की मंडियों, मंडी समितियों और प्रमुख बाजारों में खड़ी होने वाले
ट्रकों, लॉरी व छोटी गाड़ियों से भी शुल्क वसूलने का प्रस्ताव दिया गया
है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि अभी नगर निगम को ऐसे वाहनों से कोई शुल्क
नहीं मिलता, जबकि ये वाहन नगर निगम की सीमा में व्यवसाय करते हैं और नगर
निगम की सेवाओं (मार्ग प्रकाश, सफाई व सड़क) का उपयोग करते हैं।
इनके साथ
ही विवाह व अन्य समारोहों के दौरान बारात घर व गेस्ट हाउस के आसपास भी
सार्वजनिक सड़क पर गाड़ियां खड़ी की जाती हैं। ऐसे बारात घरों और गेस्ट
हाउस पर यूजर चार्र्जेज लागू किया जाना चाहिए।
इनसे यदि शुल्क वसूल किया
जाए तो हर साल करीब चार करोड़ रुपये की आमदनी होगी। जबकि सड़क व सार्वजनिक
स्थान पर वाहन खड़े करने वालों पर यूजर चार्ज लागू करने से नगर निगम को
सालाना करीब 40 करोड़ रुपये मिलेंगे।