यूपी विधानमंडल में योगी सरकार को घेरने का खाका तैयार, ये होंगे मुद्दे
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यूपी विधानमंडल के मंगलवार से प्रारंभ हो रहे सत्र में विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था, विकास, किसानों और नौजवानों के मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है। सोमवार को सपा और बसपा ने विधानमंडल दल की बैठकों में अपनी रणनीति बनाई।
दोनों सदनों के सदस्यों को इस संबंध में निर्देश दिए गए। विपक्षी दल हाल की कई बड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगेंगे। कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक मंगलवार को सवेरे 9.30 बजे होगी।
सपा विधानमंडल दल की बैठक में सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर दोनों सदनों में हमलावर रुख अपनाने का फैसला हुआ। सपा बेकाबू होते अपराध, कर्जमाफी, किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर मुखर रहेगी।
सपा मुख्यालय में बैठक के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश में सबसे बड़ा मुद्दा कानून व्यवस्था है। पिछली बार चार दिन चले सदन में सरकार ने कहा था कि कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा लेकिन हालात बद से बदतर हुए हैं। संगठित डकैती हो रही है, बलात्कार, छेड़खानी और चेन स्नेचिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं। हत्याओं का ग्राफ बढ़ा है।
विकास के नाम पर भाजपा ने नहीं रखी एक ईंट भी
उन्होंने कहा, भाजपा सरकार कानून व्यवस्था और विकास के नाम पर सत्ता में आई थी लेकिन कानून व्यवस्था ध्वस्त है और विकास के नाम पर सरकार ने एक ईंट नहीं रखी। पिछली सरकार ने जितने विकास कार्य कराए, उतने न पहले हुए हैं और न आगे होंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, कर्जमाफी से पहले किसानों से वसूली हो जाने से कर्जमाफी किसानों के लिए धोखा बन गई है। किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं। बेरोजगारों के साथ सरकार छल कर रही है। जिन युवाओं का विभिन्न परीक्षाओं में चयन हो गया था, उन्हें जॉइनिंग नहीं दी जा रही है। वे धरना- प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सभी मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया जाएगा।
छात्रों के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और उन्हें झूठे केस बनाकर जेल भेजने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी, सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल समेत सभी विधायक मौजूद थे। विदेश में होने के कारण सपा अध्यक्ष और विधानमंडल दल के नेता अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए।