उपवास पर बैठे भाजपा नेताओं की विपक्ष को सलाह, न लें वेतन व भत्ते
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने गुरुवार को लखनऊ में पटेल प्रतिमा के समक्ष उपवास कर संसद न चलने देने पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक बताते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उपवास में भाजपा विधायकों सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री शामिल हुए।
हजरतगंज स्थित पटेल प्रतिमा के समक्ष उपवास में शामिल भाजपा के प्रदेश महामंत्री व विधायक पंकज सिंह ने कहा कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के पास अब कोई मुद्दा नही रह गया है, इसी वजह से वो संसद नही चलने दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम संसद में विकास की बात करना चाहते है लेकिन विपक्ष देश के विकास की धारा को अवरुद्घ करना चाहता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मर्यादाओं का सभी को पालन करना चाहिए। लोकतांत्रिक देश में लोकतंत्र की आवाज को दबाया नही जा सकता है।
उपवास की अगुवाई कर रहे भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां बीते 23 दिनों से लोकसभा चलने नही दे रहे हैं जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
'23 दिन का वेतन नहीं लिया'
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि भाजपा और एनडीए के सांसदों ने 23 दिन का वेतन और भत्ता लेने से मना दिया है, विपक्ष को भी कार्य न करने पर वेतन और भत्ता नही लेना चाहिये।
उपवास में मुख्य रूप से राज्यमंत्री स्वाती सिंह, मोहसिन रजा, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर एस हलवासिया, संगठन मंत्री बृज बहादुर, महामंत्री त्रिलोक सिंह अधिकारी, अंजनी श्रीवास्तव, राम औतार कनौजिया, अमित पुरी, जया शुक्ला, अर्चना साहू, कुमकुम राजपूत मौजूद रहीं।