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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Operations of sports colleges in Gorakhpur, Saifai, Saharanpur, and Fatehpur rely on stopgap arrangements

UP: अस्थायी प्रबंधन के भरोसे खिलाड़ियों का भविष्य; यूपी में मैदान तैयार, खिलाड़ी तैयार, लेकिन व्यवस्था लाचार

Sun, 14 Jun 2026 09:13 AM IST
Bhupendra Singh अनुराग बाजपेई, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अनुराग बाजपेई, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 14 Jun 2026 09:13 AM IST
सार

यूपी में गोरखपुर, सैफई, सहारनपुर और फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे है। खेल विभाग से एक क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी और तीन क्रीड़ाधिकारियों को प्रिंसिपल का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Operations of sports colleges in Gorakhpur, Saifai, Saharanpur, and Fatehpur rely on stopgap arrangements
गोरखपुर समेत कई स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तमाम प्रयासों के बाद आखिरकार लखनऊ के गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज को पीसीएस अधिकारी के रूप में अपना प्रिंसिपल मिला, लेकिन गोरखपुर और सैफई स्पोर्ट्स कॉलेजों का संचालन आज भी वैकल्पिक व्यवस्था से किया जा रहा है। 

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शासन स्तर से सत्र में सहारनपुर और फतेहपुर में भी दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज खोल दिए गए, लेकिन यहां भी संचालन के नाम पर आनन-फानन अस्थायी व्यवस्था लागू कर दी गई। एक ओर जहां सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रिंसिपल का चार्ज मेरठ के क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी को दे दिया गया, तो वहीं दूसरी ओर फतेहपुर में तैनात क्रीड़ाधिकारी को सौंप दिया गया। 

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वर्तमान तैनाती मानकों से कम अधिकारियों को सौंप दी गई

यूपी स्पोर्ट्स कॉलेज सोसाइटी की नियमावली के अनुसार इन सभी कॉलेज में प्रिंसिपल का अतिरिक्त चार्ज भी खेल विभाग में कम से कम उपनिदेशक पद वाले अधिकारी के पास होना चाहिए, लेकिन वर्तमान तैनाती मानकों से कहीं कम अधिकारियों को सौंप दी गई।

गोरखपुर स्पोर्ट्स कॉलेज- सबसे पहले बात शुरू करते है वर्ष 1988-89 में शुरू हुए वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर की। शहर से करीब आठ किमी दूर महाराजगंज रोड पर आरोग्य मंदिर के निकट राप्ती नगर में 48.7 एकड़ कॉलेज में खिलाड़ियों को कुश्ती, जिम्नास्टिक एवं वॉलीबाल (बालक/बालिका) एवं हाकी, बैडमिंटन, जूडो (बालिका) जैसे खेलों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। 

स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन समझ से परे

यहां का संचालन गोरखपुर मंडल का प्रभार संभालने वाले क्रीड़ाधिकारी पास हैं। मंडल होने के बावजूद गोरखपुर में खेल विभाग का क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी नियुक्त न होना निराशाजक है। ऐसे में एक क्रीड़ाधिकारी के भरोसे पूरे मंडल के अलावा स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन समझ से परे हैं।

सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज- अब बात आती है कि वर्ष 2014-15 में स्थापित हुए मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज की। वर्तमान में यहां एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबाल, हाॅकी, कुश्ती, कबड्डी, तैराकी, एवं बैडमिंटन (बालक वर्ग) में प्रशिक्षण की व्यवस्था है। सुविधाओं के मामले में सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का फ्लडलाइट युक्त क्रिकेट स्टेडियम, आलवेदर स्वीमिंग पूल, वातानुकूलित इंडोर स्टेडियम, हॉकी एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और सिंथेटिक रनिंग ट्रैक उपलब्ध है, लेकिन इनका इस्तेमाल कॉलेज में अध्ययनत छात्रों तक ही सीमित है। इस कॉलेज का संचालन इटावा जिले के क्रीड़ाधिकारी के पास है।
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अभी मेरा लक्ष्य प्रदेश के सभी स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण करके वहां दी जा रही सुविधाओं का जायजा लेना है। गोरखपुर, सैफई, सहारनपुर और फतेहपुर में प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी गई है। इसी आधार पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट द जाएगी ताकि वहां का संचालन बेहतर किया जा सके। -दीपेंद्र यादव (यूपी स्पोर्ट्स कॉलेज सोसाइटी के सचिव और लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल)
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