लॉकडाउन में बढ़ा ऑनलाइन अपराध, साइबर बुलिंग समेत कई मामले आए सामने
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोविड-19 साइबर अपराधियों के लिए लॉटरी लेकर आया तो लॉकडाउन जैकपॉट साबित हुआ लखनऊ में करीब सवा दो महीने के लॉकडाउन में ऑनलाइन अपराध जमकर हुआ। साइबर अपराधियों ने फोन कॉल करके खातों से रुपये उड़ाने के अलावा सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाने, ई-मेल हैकिंग और शादी व जॉब के नाम पर लोगों को खूब ठगा। उधर, सोशल मीडिया पर विभिन्न मुद्दों को लेकर जहर उगलने और वैमनस्य फैलाने के साथ अफवाहें उड़ाने वाले भी सक्रिय रहे। ऑनलाइन अपराध के सापेक्ष साइबर सेल के गुडवर्क पांच प्रतिशत भी नहीं रहे।
साइबर सेल के प्रभारी एसीपी विवेक रंजन बताते हैं कि लॉकडाउन में साइबर सेल में ऑनलाइन अपराध के 360 मामले आए जो सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी ज्यादा थे। इसमें सबसे ज्यादा 75 के आसपास शिकायतें क्रेडिट-डेबिट कार्ड से रुपये उड़ाने की थीं। आश्चर्य की बात यह है कि लॉकडाउन में साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया पर जहर उगलने के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई।
इससे संबंधित 58 शिकायतें मिलीं। क्योंकि लोग घरों में रहकर सोशल मीडिया पर ज्यादा वक्त बिता रहे थे। बहस के दौरान लोगों ने आपस में विद्वेष और कटुता भरे संवाद के साथ ही गाली-गलौज भी की। ऐसी कई संवेदनशील शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कराकर संबंधित थानों की पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी भी कीं।
इस साल कोई उपलब्धि नहीं
साइबर सेल का एक साल का लेखा-जोखा
1527 कुल मामले आए
533 का निस्तारण हुआ
09 निरस्त कर दिए गए
557 लंबित चल रहे
363 में जांच जारी है
34 में केस दर्ज कराए गए
साइबर सेल की मैन पॉवर
01 एसपी स्तर का अधिकारी
01 डिप्टी स्तर का अधिकारी
02 सब इंस्पेक्टर
12 सिपाही
इस तरह के मामले सामने आए
इंटरनेट बैंकिंग के 77
फर्जी प्रोफाइल, जॉब-शादी संबंधी फ्रॉड के 78
डेबिट-क्रेडिट कार्ड व बिजनेस फ्रॉड के 75
ई-वॉलेट और फिशिंग के 70
साइबर बुलिंग के 58
इनपरसोनेशनल के 54
ईमेल फिशिंग के 04
ऑनलाइन गैंबलिंग के 06
साइबर टेररिज्म के 07
साइबर ट्रैफिकिंग का 01
डाटा चोरी के 07
फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर मांगे रुपये
इसके बाद मैसेज भेजकर पैसों की भी मांग की। एसीपी ने इस संबंध में साइबर क्राइम सेल से शिकायत की है। एसीपी अभय कुमार मिश्र के मुताबिक, उनके एक फ्रेंड ने मंगलवार को दिल्ली से उन्हें कॉल करके बताया कि आपके नाम से बनी एक अन्य फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। यह सुनकर एसीपी दंग रह गए। साइबर जालसाज ने फर्जी फेसबुक आईडी में उनकी फोटो भी लगाई हुई थी। लगातार उनके करीबियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहा था। यहां तक कि उनको भी रिक्वेस्ट भेज दी।
गोरखपुर में ऑन ड्यूटी का भेजा मैसेज
एसीपी के मुताबिक, फेक आईडी से उनके कई परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट के साथ कुछ परिचितों को मैसेंजर पर मैसेज करके पांच हजार रुपये की मदद भी मांगी गई। रुपये की जरूरत के संबंध में एक परिचित ने पूछा तो उनकी फेक आईडी से मैसेज पोस्ट किया गया कि मैं गोरखपुर में ड्यूटी पर हूं।
रुपये की आवश्यकता है। जल्द ही रुपये वापस कर दिए जाएंगे। हैरत की बात यह है कि साइबर जालसाज ने एसीपी अभय कुमार मिश्र की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उन्हें भी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है। यहीं नहीं उनकी आईडी से एक पुलिस कर्मी की एफबी से मैसेज भेजा गया कि 40 हजार रुपये तत्काल अकाउंट में डाल दो, सुबह रिटर्न कर दूंगा।
पहले भी बन चुकी पुलिस कर्मियों की फर्जी आईडी
फेसबुक पर खुद लोगों को किया अलर्ट
एसीपी अभय कुमार मिश्र के फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर पहले अपनी फेसबुक प्रोफाइल की फोटो बदली। इसके बाद अपनी असली फेसबुक आईडी पर मैसेज पोस्ट करते हुए परिचितों को अलर्ट करने के लिए स्टेटस भी अपडेट किया। अपने फेसबुक अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि कोई नई फेसबुक आईडी नहीं बनाई है।
उनके नाम से बनी किसी नई फर्जी तरीके से फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आए तो उसे स्वीकार न किया जाए। एसीपी के मुताबिक, उन्होंने साइबर क्राइम सेल से इस मामले में लिखित शिकायत कर दी है। फर्जी फेसबुक आईडी का स्क्रीन शॉट भी उपलब्ध करा दिया है। साइबर क्राइम सेल मामले की छानबीन कर रही है।