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Lucknow News: अभी और रुलाएगा प्याज और टमाटर
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सब्जियां हुईं महंगी।
लखनऊ। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और भीषण गर्मी की मार से प्याज, टमाटर और लहसुन समेत स्थानीय स्तर पर मिलने वाली हरी सब्जियां बेहद महंगी हो गई है। कारोबारियों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह स्थिति लोगों को और ज्यादा रुलाने वाली है।
दुबग्गा मंडी के व्यापारी मयंक और लाला यादव ने बताया कि लखनऊ में नींबू, प्याज, अदरक और टमाटर जैसी जरूरी चीजें बाहरी राज्यों से मंगवाई जा रही हैं। नींबू और अदरक बंगलूरू से, प्याज महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से, और शिमला मिर्च अरुणाचल प्रदेश से आ रही है। डीजल के दाम बढ़ने के कारण परिवहन भाड़ा 80 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 150 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो लगभग दोगुना है। व्यापारियों का कहना है कि इस बढ़े हुए भाड़े का सीधा असर अगले दो से तीन दिनों में फुटकर सब्जी बाजार पर पूरी तरह दिखने लगेगा।
नरही में सब्जी की दुकान लगाने वाले सलीम ने बताया कि लहसुन 80 रुपये किलो से बढ़कर 180-200 किलो रुपये हो गया है। 400 रुपये किलो वाला नींबू भी 600 रुपये किलो हो गया है। थोक में 30-32 रुपये वाली लौकी फुटकर में 40 किलो तक बिक रही है। 20 रुपये किलो वाल टमाटर 30 रुपये, प्याज 15-20 से बढ़कर 25 रुपये किलो पहुंच गया है।
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भीषण गर्मी ने जलाई स्थानीय फसलें
कृषि विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ और बाराबंकी जैसे आसपास के क्षेत्रों की मिट्टी बलुई है। तेज धूप के कारण यह मिट्टी जल्दी गर्म हो जाती है, जिससे स्थानीय टमाटर की फसल खेतों में ही सड़कर खराब हो गई है। अब यहां नाममात्र की फसल ही बची है। वहीं, एक राहत की खबर आलू को लेकर है। खोदाई के समय आलू महंगा था, लेकिन नेपाल में निर्यात न हो पाने के कारण स्थानीय बाजार में फिलहाल आलू के दाम सस्ते बने हुए हैं।
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दुबग्गा मंडी के व्यापारी मयंक और लाला यादव ने बताया कि लखनऊ में नींबू, प्याज, अदरक और टमाटर जैसी जरूरी चीजें बाहरी राज्यों से मंगवाई जा रही हैं। नींबू और अदरक बंगलूरू से, प्याज महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से, और शिमला मिर्च अरुणाचल प्रदेश से आ रही है। डीजल के दाम बढ़ने के कारण परिवहन भाड़ा 80 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 150 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो लगभग दोगुना है। व्यापारियों का कहना है कि इस बढ़े हुए भाड़े का सीधा असर अगले दो से तीन दिनों में फुटकर सब्जी बाजार पर पूरी तरह दिखने लगेगा।
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नरही में सब्जी की दुकान लगाने वाले सलीम ने बताया कि लहसुन 80 रुपये किलो से बढ़कर 180-200 किलो रुपये हो गया है। 400 रुपये किलो वाला नींबू भी 600 रुपये किलो हो गया है। थोक में 30-32 रुपये वाली लौकी फुटकर में 40 किलो तक बिक रही है। 20 रुपये किलो वाल टमाटर 30 रुपये, प्याज 15-20 से बढ़कर 25 रुपये किलो पहुंच गया है।
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भीषण गर्मी ने जलाई स्थानीय फसलें
कृषि विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ और बाराबंकी जैसे आसपास के क्षेत्रों की मिट्टी बलुई है। तेज धूप के कारण यह मिट्टी जल्दी गर्म हो जाती है, जिससे स्थानीय टमाटर की फसल खेतों में ही सड़कर खराब हो गई है। अब यहां नाममात्र की फसल ही बची है। वहीं, एक राहत की खबर आलू को लेकर है। खोदाई के समय आलू महंगा था, लेकिन नेपाल में निर्यात न हो पाने के कारण स्थानीय बाजार में फिलहाल आलू के दाम सस्ते बने हुए हैं।