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Lucknow News: शाम की ओपीडी के एक वर्ष पूरे, 32 हजार ने उठाया लाभ
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कैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी में मरीज।
लखनऊ। दिनभर काम में व्यस्त रहने वाले मरीजों के लिए कैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी बड़ी सहूलियत साबित हो रही है। आलमबाग निवासी रेलकर्मी विनीत यादव लंबे समय से घुटनों के दर्द से परेशान हैं। दिन में वक्त न मिलने पर वह शाम पांच से आठ बजे के बीच चलने वाली ओपीडी में पहुंचे। परामर्श लेकर दवाएं घर ले गए। उनकी तरह हर माह दो से ढाई हजार मरीज इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
यह प्रदेश का पहला अस्पताल है, जिसने एक साल पहले शाम की ओपीडी शुरू की थी। इस अवधि में करीब 32 हजार मरीजों ने यहां इलाज कराया। अस्पताल प्रभारी डॉ. एससी जोशी ने बताया कि यहां दो पालियों में ओपीडी चलती है। सुबह की ओपीडी आठ से दोपहर दो बजे व शाम की पांच से रात आठ बजे तक।
10 रुपये का बनता है परचा
ओपीडी के लिए मरीजों को 10 रुपये का परचा बनवाना पड़ता है। इस पर हफ्तेभर की दवाएं मुफ्त मिलती हैं। जांचें भी अन्य अस्पतालों के मुकाबले कम दरों पर उपलब्ध हैं। इस समय एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी व डेंटल के चिकित्सक नियमित उपलब्ध रहते हैं।
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3,280 मरीजों की निशुल्क डायलिसिस
इस अस्पताल में दो शिफ्टों में निशुल्क डायलिसिस भी होती है। एक साल में 3,280 मरीजों ने इसका लाभ उठाया। डायलिसिसि के लिए छह बेड हैं। हंस फाउंडेशन की ओर से बीते वर्ष अस्पताल में यह सुविधा शुरू की गई थी। निजी अस्पतालों में डायलिसिस पर चार से पांच हजार रुपये, जबकि सरकारी अस्पताल में दो हजार रुपये के आसपास खर्च होता है।
Iकैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी पिछले 02 सितंबर को शुरू की गई थी। प्रदेश में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है। शाम को इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। उन्हें निशुल्क दवाएं भी दी जाती हैं।I
I-अभिषेक राठौड़, सीईओ, छावनी परिषदI
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यह प्रदेश का पहला अस्पताल है, जिसने एक साल पहले शाम की ओपीडी शुरू की थी। इस अवधि में करीब 32 हजार मरीजों ने यहां इलाज कराया। अस्पताल प्रभारी डॉ. एससी जोशी ने बताया कि यहां दो पालियों में ओपीडी चलती है। सुबह की ओपीडी आठ से दोपहर दो बजे व शाम की पांच से रात आठ बजे तक।
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10 रुपये का बनता है परचा
ओपीडी के लिए मरीजों को 10 रुपये का परचा बनवाना पड़ता है। इस पर हफ्तेभर की दवाएं मुफ्त मिलती हैं। जांचें भी अन्य अस्पतालों के मुकाबले कम दरों पर उपलब्ध हैं। इस समय एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी व डेंटल के चिकित्सक नियमित उपलब्ध रहते हैं।
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3,280 मरीजों की निशुल्क डायलिसिस
इस अस्पताल में दो शिफ्टों में निशुल्क डायलिसिस भी होती है। एक साल में 3,280 मरीजों ने इसका लाभ उठाया। डायलिसिसि के लिए छह बेड हैं। हंस फाउंडेशन की ओर से बीते वर्ष अस्पताल में यह सुविधा शुरू की गई थी। निजी अस्पतालों में डायलिसिस पर चार से पांच हजार रुपये, जबकि सरकारी अस्पताल में दो हजार रुपये के आसपास खर्च होता है।
Iकैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी पिछले 02 सितंबर को शुरू की गई थी। प्रदेश में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है। शाम को इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। उन्हें निशुल्क दवाएं भी दी जाती हैं।I
I-अभिषेक राठौड़, सीईओ, छावनी परिषदI

कैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी में मरीज।

कैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी में मरीज।

कैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी में मरीज।

कैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी में मरीज।

कैंट अस्पताल में शाम की ओपीडी में मरीज।