मरीज को लगाया खाली ऑक्सीजन सिलेंडर, मौत
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केजीएमयू चिकित्सकों की लापरवाही से बुधवार को एक उदयभान सिंह की मौत हो गई। सांस की बीमारी से पीड़ित इस मरीज को सर्जिकल वार्ड से ट्रॉमा शिफ्ट करने के दौरान खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगा दिया गया। ट्रॉमा सेंटर पहुंचते-पहुंचते उसने दम तोड़ दिया।
बाराबंकी मऊ निवासी उदयभान सिंह (45) को नौ जनवरी को ट्रॉमा सेंटर के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनके भाई उदय विक्रम सिंह और भांजा शुभम सांस की दिक्कत के बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे। जहां से मंगलवार रात डॉक्टरों ने उन्हें सर्जिकल वॉर्ड शिफ्ट कर दिया।
वहां रात भर में ही उदयभान की तबियत बिगड़ गई। इसके बाद बुधवार को उन्हें फिर से ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई। वहां के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर उन्हें ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। मरीज को लेकर परिवारीजन जब ट्रॉमा के सर्जिकल वार्ड पहुंचे तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिवारीजनो को निकाला बाहर
परिवारीजनों को इसकी जानकारी न हो, इसलिए उन्हें वार्ड से बाहर निकाल दिया गया। इसी बीच उदयभान को दूसरा ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने के लिए नर्स चाबी खोजने जाने लगी। इसी बीच परिवारीजन वार्ड में पहुंच गए।
उन्होंने उदयभान को लगा खाली ऑक्सीजन सिलेंडर देख लिया इसके बाद लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच नर्सों ने खाली ऑक्सीजन सिलेंडर बदल दिया और मरीज को कैजुअल्टी वार्ड भेज दिया।
उदयभान सिंह की जिस समय मौत हुई केजीएमयू कि कुलपति प्रो. रविकांत ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर रहे थे। इसीलिए चिकित्सक व अधिकारी इस मामले को छिपाने में लगे रहे। परिवारीजनों ने मामले की शिकायत कुलपति से करने की कोशिश की लेकिन वो उन तक पहुंच नहीं पाए। इस दौरान कैजुअलिटी वार्ड में उदयभान को रखा गया। कुलपति के ट्रॉमा सेंटर से निकलते ही उसे मृत घोषित कर दिया गया।