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Lucknow News: तीन दिन से बिजली संकट से जूझ रही एक लाख की आबादी
Tue, 02 Jul 2024 04:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 02 Jul 2024 04:19 AM IST
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राही (रायबरेली)। विद्युत उपकेंद्र सूची से जुड़ी करीब एक लाख आबादी को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। कभी 33 केवी तो कभी 11 केवी लाइन में फॉल्ट बना रहता है। तीन दिन से फॉल्ट की वजह से कभी उपभोक्ताओं को पांच तो कभी छह घंटे बिजली मिल रही है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंता इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लाइनों की लंबाई अधिक होने के कारण फॉल्ट खोजने में पूरा दिन बीत जाता है।
विद्युत उपकेंद्र सूची से मेजरगंज और उमरी फीडर निकले हैं। इन फीडरों से करीब 250 गांवों की बिजली आपूर्ति होती है। शनिवार को हुई बारिश के बाद से उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। कभी 33 केवी लाइन तो कभी 11 केवी लाइन में फॉल्ट आ जाता है। इससे बिजली गुल हो जाती है। मेजरगंज फीडर की लंबाई 25 तो उमरी की 10 किलोमीटर है। जबकि अधिकतम लंबाई आठ किलोमीटर होनी चाहिए। यही वजह है कि फॉल्ट खोजने में कर्मचारियों को दिक्कत होती है। उधर, डीह उपखंड अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के चलते लाइनों में फॉल्ट आ जाते हैं। इससे दिक्कत होती है। रायपुर महेरी में एक बिजली उपकेंद्र प्रस्तावित है। इसके बनने से फीडरों की लंबाई कम हो जाएगी।
मेजरगंज फीडर में अक्सर रहती खराबी
सूची विद्युत उपकेंद्र से निकले मेजरगंज फीडर का अंतिम छोर शारदा सहायक नहर तक है। अक्सर कर्मचारी आधी अधूरी लाइन ठीक करके बिजली चालू कर देते हैं। इससे अंतिम छोर के गांव भदोखर, गदियानी, रायपुर महेरी, औघड़नाथगंज, कनौली, भैदपुर, परमानपुर समेत अन्य गांवों की कई-कई दिन तक बिजली नहीं पहुंचती। भदोखर थाने की बिजली गुल होने से कामकाज प्रभावित रहता है।
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विद्युत उपकेंद्र सूची से मेजरगंज और उमरी फीडर निकले हैं। इन फीडरों से करीब 250 गांवों की बिजली आपूर्ति होती है। शनिवार को हुई बारिश के बाद से उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। कभी 33 केवी लाइन तो कभी 11 केवी लाइन में फॉल्ट आ जाता है। इससे बिजली गुल हो जाती है। मेजरगंज फीडर की लंबाई 25 तो उमरी की 10 किलोमीटर है। जबकि अधिकतम लंबाई आठ किलोमीटर होनी चाहिए। यही वजह है कि फॉल्ट खोजने में कर्मचारियों को दिक्कत होती है। उधर, डीह उपखंड अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के चलते लाइनों में फॉल्ट आ जाते हैं। इससे दिक्कत होती है। रायपुर महेरी में एक बिजली उपकेंद्र प्रस्तावित है। इसके बनने से फीडरों की लंबाई कम हो जाएगी।
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मेजरगंज फीडर में अक्सर रहती खराबी
सूची विद्युत उपकेंद्र से निकले मेजरगंज फीडर का अंतिम छोर शारदा सहायक नहर तक है। अक्सर कर्मचारी आधी अधूरी लाइन ठीक करके बिजली चालू कर देते हैं। इससे अंतिम छोर के गांव भदोखर, गदियानी, रायपुर महेरी, औघड़नाथगंज, कनौली, भैदपुर, परमानपुर समेत अन्य गांवों की कई-कई दिन तक बिजली नहीं पहुंचती। भदोखर थाने की बिजली गुल होने से कामकाज प्रभावित रहता है।
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