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मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद भी रैन बसेरे में नहीं बांटे कंबल, एक की मौत, केस दर्ज कर जांच शुरू

Sun, 29 Dec 2019 12:48 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 29 Dec 2019 12:48 PM IST
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one died in night shelter for not having blankets.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रैन बसेरों का निरीक्षण करते हुए (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

सीएम के रात्रि निरीक्षण के 24 घंटे बाद ही मेडिकल विवि परिसर के एक रैन बसेरे में कंबल न बांटने और ठंड के कारण हुई एक संदिग्ध मौत के बाद शनिवार को प्रशासन में हड़कंप रहा। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इस मामले में केजीएमयू प्रशासन से जवाब तलब किया है। साथ ही पूरे मामले की जांच एडीएम वित्त व राजस्व अवनीश सक्सेना को सौंपी है।

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एडीएम वित्त ने मामले से जुड़े हर पहलू की जांच के बाद देर शाम कंबल के वितरण कार्य से जुड़े अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा कराया है। पुलिस ने इस मामले में वितरण के लिए आए कंबल बिना बांटे वापस ले जाने के मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सदर तहसील के अमीन ने पुलिस में दर्ज कराए गए केस में बताया है कि प्रशासन की तरफ से केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार के पास अस्थायी रैन बसेरा में 26 दिसंबर की रात नि:शुल्क कंबल वितरित कराने के लिए दिए गए थे।
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रैन बसेरा में रहने वालों का आरोप था कि बांटने के बाद कुछ लोग वितरित कंबल लेकर चले गए। जिन लोगों ने वितरित कंबलों को वापस लिया है, उनकी पहचान कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाए।

'वितरित कंबल वापस न लिए जाने की बात कही'

मामले की जांच कर रहे एडीएम एफआर अवनीश सक्सेना ने बताया कि इस मामले में रैन बसेरा में 26 की रात ठहरे आठ जरूरतमंदों से बातचीत करने पर उन्होंने वितरित कंबल वापस न लिए जाने की बात कही। इतना ही नहीं केजीएमयू प्रशासन की तरफ से निगरानी को तैनात गार्डों ने भी किसी को कंबलों के साथ रैन बसेरा से बाहर जाते नहीं देखा, न ही आसपास के किसी सीसीटीवी फुटेज में ही ऐसा कुछ संदिग्ध मिला है।

जांच में यह बात जरूर सामने आई कि जो निजी संस्था अस्थायी रैन बसेरा चला रही है, वह रात्रि में ठहरने वाले तीमारदारों को जरूरत पड़ने पर अपने संसाधनों से एक तय धरोहर राशि जमा कर कंबल देती है।

पहचान नहीं होने से 72 घंटे बाद ही होगा पोस्टमार्टम

एडीएम एफआर ने बताया कि केजीएमयू के ही एक अन्य अस्थायी रैन बसेरा के पास ठंड लगने से हुए एक लावारिस की संदिग्ध मौत की जांच पोस्टमार्टम न हो पाने के कारण शुरू नहीं हो पाई।

केजीएमयू प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मृतक के मुंह से झाग भी निकल रहा था। मृतक की पहचान न हो पाने के कारण विधिक प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कार्य 72 घंटे बाद ही किए जाने का प्रावधान है। ऐसे में रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण का खुलासा हो सकेगा।

'जमीन पर बिछाने के लिए पॉलीथिन व मैट की व्यवस्था के साथ ही अतिरिक्त कंबल भी दिए गए'

एडीएम वित्त राजस्व ने बताया कि जिला प्रशासन की सख्ती के बाद केजीएमयू प्रशासन ने परिसर में सभी अस्थायी व स्थायी रैन बसेरों में जमीन पर बिछाने के लिए पॉलीथिन व मैट की व्यवस्था के साथ ही अतिरिक्त कंबल भी उपलब्ध कराए हैं।

प्रशासन की तरफ से केजीएमयू प्रशासन की ओर से मांगे जाने पर नगर निगम व व्यापारिक संगठनों की मदद से तीमारदारों को गर्म कपड़े, कंबल, मैट व गद्दे दिए जाएंगे।

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