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छह दिसंबर को सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन कर तनाव का माहौल न बनने देंः नृत्य गोपालदास

Sat, 30 Nov 2019 11:31 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Sat, 30 Nov 2019 11:31 AM IST
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On December 6, there is no need of any Public event : nritya gopaldas
महंत नृत्यगोपाल दास। - फोटो : अमर उजाला

श्रीराम जन्मभूमि व श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष और मणिराम दास जी छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने कहा नौ नवंबर को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। ऐसे में छह दिसंबर को "खुशी और गम" जैसे कार्यक्रम का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। 

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साधु-संत और राम भक्त मंदिरों और घरों में भगवान "श्रीराम की आरती" उतारें और दीपक जलाकर देश को सामाजिक समरस्ता का पवित्र संदेश दें। न्यास अध्यक्ष ने यह अपील विभिन्न संगठनों द्वारा हर साल छह दिसंबर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के मद्देनजर की है। उन्होंने कहा अयोध्या शांत है और अब सम्पूर्ण देश मे शांति होनी चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दौरान जिस प्रकार सभी देशवासियों ने एक साथ मिलकर संपूर्ण विश्व को शांति और आपसी समन्वय का संदेश दिया ठीक उसी प्रकार आने वाले छह दिसंबर को भी हम किसी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन कर  तनाव का माहौल नहीं बनने दें। उन्होंने कहा देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने नौ नवंबर को सत्य पर अपनी मोहर लगाकर "ठाकुर जी" को कपड़े के अस्थाई मंदिर से मुक्त कर भव्य मंदिर मे विराजमान करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

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श्रीराम लला को भव्य मंदिर में विराजमान कराने में संत एकजुट

अब "शौर्य और कलंक" जैसे कार्यक्रमों का औचित्य नहीं, आदालत का सम्मान करते हुए सीधे श्रीराम भक्त मंदिर निर्माण करेंगे। सम्पूर्ण राष्ट्र इस पवित्र और स्मरणीय पल की प्रतिक्षा कर रहा है। महंत दास ने कहा "सन् पंद्रह सौ अठ्ठाईस" की क्रिया में  "छह दिसंबर की प्रतिक्रिया" हुई अब दोनों तिथियों की पुनरावृति राष्ट्र और समाजहित में नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि न्यास द्वारा संचालित मंदिर निर्माण में प्रयुक्त शिलाओंं की नक्काशी कार्य को शीघ्र गतिशील किया जाएगा। हमारी दृष्टि अभी  न्यायालय द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए निर्देशों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा अयोध्या के संत धर्माचार्यों में ट्रस्ट संबंधित न्यायालय के निर्देश को लेकर किसी प्रकार का विभाजन नहीं है, वर्तमान सरकार पर सभी को भरोसा है, संत भगवान श्रीराम लला को भव्य मंदिर में विराजमान कराने हेतु एकजुट हैं।

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