लखनऊ के आशियाना में मंगलवार रात दो पक्षों में टकराव के आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस की दबिश के दौरान 60 वर्षीय जाकिर अली की मौत हो गई। लोगों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना था कि पुलिस की प्रताड़ना से जाकिर को दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवारीजन और इलाकाई लोग धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी पर एसीएम तृतीय पल्लवी मिश्रा, कैंट क्षेत्राधिकारी व कई थानों की पुलिस पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने झगड़े में अविनाश सिंह भदौरिया, अतुल तिवारी, गोलू लोधी, कपिल तिलकधारी के खिलाफ केस दर्ज कराने व मृतक के परिवारीजनों को 25 लाख मुआवजे की मांग की। क्षेत्राधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
पुलिस की दबिश के दौरान बुजुर्ग की मौत, हंगामा, परिवारीजनों ने लगाए ये आरोप
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सालेहनगर निवासी जाकिर की पत्नी शहनाज बानो ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार रात तीन बजे इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह के साथ 20-25 पुलिसकर्मी घर में घुसे और बेटों के बारे में पूछने लगे। उनके बेटों नासिर, शानू, फिरोज, फैजी व अकरम को मंगलवार रात के उपद्रव में आरोपी बनाया गया है। पांचों पुलिस के डर से भागे हुए हैं। पूछताछ करते हुए पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज और महिलाओं से अभद्रता की। इतना ही नहीं सभी को जेल भेजने की धमकी भी दी। आरोप लगाया कि जाकिर ने विरोध किया तो उन्हें धमकाते हुए प्रताड़ित किया। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी चले गए। उनकी दहशत से जाकिर को दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह इसका पता चलते ही आक्रोश फैल गया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि, इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने कहा कि वारदात के दिन ही पुलिस गई थी। उसके बाद दबिश नहीं दी गई। आरोप बेबुनियाद हैं।
यह था मामला
आशियाना के सालेहनगर में मंगलवार देर रात स्कूटी में मोडीफाइड साइलेंसर लगाकर शोर मचाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। लड़कों के बीच मामूली मारपीट के बाद दोनों ओर से सैकड़ों लोग जमा हुए और मारपीट हुई थी। एक पक्ष ने घर में घुसकर मारपीट और फायरिंग कर दहशत फैलाई तो दूसरे ने पथराव किया। उन्मादी नारे भी लगे थे। पुलिस ने एक पक्ष से शारिक, चांद बाबू, मो. शोएब, शादाब शेख, आलम अंडेवाला, अशरफ, आसिफ, अकरम, सलमान, मुस्तकीम व 50-60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर शारिक को गिरफ्तार किया था। बाकी की तलाश में दबिश दे रही थी।
शहनाज का यह भी आरोप है कि पुलिस के साथ शशांक शेखर गहलोत, अविनाश सिंह भदौरिया समेत कॉलोनी के चार-पांच लोग भी थे। इन्होेंने पुलिस की मौजूदगी में परिवारीजनों से गाली-गलौज की। जाकिर को थप्पड़ मारे व धक्का दे दिया। वह जमीन पर गिरे, तभी अटैक पड़ गया।
एकतरफा कार्रवाई का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आशियाना पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मारपीट दोनों तरफ से हुई थी, लेकिन पुलिस ने एक पक्ष के दबाव में कार्रवाई की। उनके पक्ष से तहरीर दी गई थी, जिस पर एफआईआर नहीं की।
पुलिस ने कहा- सुबह हुई मौत
क्षेत्राधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह का कहना है कि लकवाग्रस्त जाकिर दो साल से बिस्तर पर ही रहते थे। उनकी मौत शुक्रवार सुबह हुई है। जाकिर के बेटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है और पुलिस उन्हें पकड़ने घर गई थी। इस कारण परिवारीजनों ने बुजुर्ग की मौत को दबिश से जोड़ दिया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर आगे की जांच व कार्रवाई होगी।