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लखनऊ: फाइलेरिया की दवा खिलाने गई टीम को खदेड़ कर लोगों ने भगाया, छीनकर जला दिया सरकारी रजिस्ट्रर
Sat, 29 Feb 2020 09:59 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 29 Feb 2020 09:59 AM IST
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लोगों की भीड़(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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पुराने लखनऊ में एक विशेष वर्ग ने सरकार की किसी भी स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने से इन्कार कर दिया है। शुक्रवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां फाइलेरिया की दवा खिलाने पहुंची तो लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया। इतना ही नहीं सरकारी रजिस्ट्रर भी छीनकर जला दिया। करीब एक लाख की आबादी ने दवा खाने से मना कर दिया।
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पीएचसी प्रभारियों ने इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेज दी है। वहीं, सीएमओ ने डीएम व शासन को मामले से अवगत करा दिया है। राजधानी में फाइलेरिया अभियान 17 फरवरी से शुरू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर इसकी दवा खिला रही है। अभियान में 3914 टीमें व 785 सुपरवाइजर लगे हैं। टीम लोगों को फाइलेरिया से बचाव के उपाय भी बता रही है।
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शुक्रवार को फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए चौक सदन की टीम गई थी। यहां एक विशेष वर्ग की करीब 50 हजार आबादी ने किसी भी सरकारी स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने से मना करते हुए टीम को वापस कर दिया। इतना ही नहीं परिवार के किसी सदस्य की जानकारी भी नहीं दी।
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वहीं, सआदतगंज इलाके में टीम जब पहुंची तो कई परिवारों ने दरवाजा तक नहीं खोला। कुछ मुहल्ले में लोगों ने टीम से अभद्रता करते हुए खदेड़ दिया। टीम में लगी महिलाओं से सरकारी रजिस्टर छीनकर जला दिया। इसमें विशेष वर्ग के लोगों के नाम-पता समेत अन्य ब्यौरा दर्ज था।
दोनों ही इलाकों की करीब एक लाख आबादी ने दवा खाने से मना कर दिया। दोनों पीएचसी सेंटर से इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी गई तो हड़कंप मच गया। सीएमओ ने मामले से डीएम अभिषेक प्रकाश व शासन को रिपोर्ट भेजी है।
वहां से दिशा-निर्देश मिलने बाद आगे की कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, पुराने लखनऊ के कुछ लोगों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवा लेने से इंकार किया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।