अफसरों ने निकाल दी योगी सरकार के एक अच्छे फैसले की हवा, नहीं दिया फरवरी का वेतन
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शासन से लेकर जिले तक के अफसरों ने योगी सरकार के एक अच्छे संदेश वाले फैसले की हवा निकाल दी। राज्य सरकार के सख्त व स्पष्ट आदेश के बावजूद विभिन्न संवर्गों के हजारों कर्मचारियों को होली के पहले फरवरी का वेतन भुगतान नहीं किया गया। उनकी होली फीकी रह गई। इस फैसले से यह बात भी खुलकर सामने आ गई कि सरकार के फैसलों की जमीन पर पहुंचते-पहुंचते क्या दशा होती है।
वहीं, यह भी पता चल गया कि वेतन भुगतान को लेकर शासन से जिले तक के अधिकारियों की जमकर मनमानी चल रही है। कर्मचारियों को कई-कई महीने तक बिना वजह वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में जिलों में तैनात अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होली पर्व को उत्साह से मनाए जाने को लेकर अफसरों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सचिव वित्त ने 27 फरवरी को सभी जिलाधिकारियों, मुख्य व वरिष्ठ कोषाधिकारियों को आदेश जारी कर समस्त राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और कार्य प्रभारित कर्मचारियों को फरवरी के वेतन का भुगतान 28 फरवरी को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। मगर, शासन व सचिवालय को छोड़ दिया जाए तो तमाम संवर्गों के ज्यादातर कर्मचारियों को होली के पहले वेतन का भुगतान नहीं हुआ।
हालांकि, जहां अफसरों ने सरकार के आदेश को गंभीरता से लिया, वहां भुगतान हो भी गया। मगर ऐसे जिलों या तहसीलों की संख्या बहुत कम है। पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि कई विभागों में तो कई-कई महीने से वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। कहीं वित्तीय स्वीकृति न जारी करने की बात बताई जा रही है, कहीं वेतन बिल न तैयार होने का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में शासन से लेकर जिलों में तैनात अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, कर्मचारियों में भी खासी नाराजगी है।
ज्यादातर जिलों में नहीं होली के पहले नहीं मिला वेतन : अमीन संघ
विनियमित राजस्व संग्रह अमीन संघ के नेता सीके द्विवेदी ने बताया कि अलीगढ़ मंडल में अलीगढ़ की एक तहसील कासगंज को छोड़कर बाकी 14 तहसीलों में कहीं वेतन नहीं मिला। इसी तरह भदोही, प्रतापगढ़, फिरोजाबाद, बिजनौर, संभल, एटा, फैजाबाद, हाथरस, इलाहाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ सहित कई जिलों में भी होली के पहले वेतन का भुगतान नहीं हुआ। बाराबंकी में सदर व हैदरगढ़ तहसील में वेतन मिला, बाकी तहसीलों में नहीं मिला।
सीडीपीओ को तो तीन महीने से नहीं मिला वेतन : पांडेय
सीडीपीओ संघ के प्रदेश अध्यक्ष एके पांडेय ने बताया कि सरकार के आदेश पर होली के पहले वेतन भुगतान की बात छोड़ दीजिए, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं और लिपिक श्रेणी के कर्मियों को ज्यादातर जिलों में तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।
इलाहाबाद, गोंडा, सोनभद्र, अलीगढ़, बिजनौर, हरदोई, हमीरपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, जौनपुर, महाराजगंज व खीरी में दिसंबर से और एटा व फैजाबाद में जनवरी से वेतन नहीं मिला है। फर्रुखाबाद में नवंबर से ही भुगतान नहीं हुआ। इसी तरह मेरठ, फिरोजाबाद, कुशीनगर, मैनपुरी, चंदौली में भी होली पर फरवरी व पूर्व से लंबित वेतन नहीं मिल सका है। दूसरे जिलों से भी वेतन भुगतान न होने की जानकारी है।
73 जिलों में लेखपालों को नहीं मिला होली के पहले वेतन : ब्रजेश
जिन जिलों के अफसरों ने आदेश माना, वहां वेतन का भुगतान हो गया : वीरेंद्र
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि जिन जिलों के अफसरों ने सरकार के आदेश को तवज्जो दिया, वहां प्राइमरी शिक्षकों को होली के पहले वेतन का भुगतान हो गया।
देवरिया, महराजगंज, फैजाबाद, कासगंज, शाहजहांपुर, उन्नाव, इटावा, जौनपुर, बदायूं, हाथरस, इलाहाबाद, गाजीपुर, पीलीभीत व सुल्तानपुर जैसे जिलों में होली के पहले वेतन भुगतान हो जाने की सूचना है। इनके अलावा गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती सहित अन्य जिलों में होली के पहले शिक्षकों को वेतन भुगतान नहीं किया गया।