फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   officers are not interested in taking action against electric loss

Lucknow News: सबकुछ जानते हुए भी बिजली चोरी पकड़ने में दिलचस्पी नहीं

Tue, 03 Jan 2023 08:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jan 2023 08:30 AM IST
विज्ञापन
officers are not interested in taking action against electric loss
केस-1
विज्ञापन

स्मार्ट मीटर में करंट बाईपास
ठाकुरगंज के जनरैलगंज में जांच के दौरान कृष्णा सिंह के घर में स्मार्ट मीटर में करंट को बाईपास करके बिजली चोरी पकड़ी गई थी। घर का विद्युत लोड छह किलोवाट था। स्मार्ट मीटर में नियोजित तरीके से छेड़छाड़ कराई गई थी। एक्सईएन संजीव मिश्र ने बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है।
केस-2
मीटर में लगा था अवरोधक
सर्किल तीन की टीम ने मोहम्मद सिद्दीक के कनेक्शन की जांच की थी। जांच में पाया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मीटर में अवरोधक लगा है, जिससे परिसर में जितनी बिजली जल रही थी, उसकी 50 फीसदी से कम रिकॉर्ड में दर्ज हो रही थी। टीम ने इस मीटर को उतार कर रिपोर्ट आला अफसरों को भेज दी थी।
विज्ञापन

बड़ी संख्या में लोग मीटर से छेड़छाड़ करवा बिजली चोरी कर रहे हैं। एसटीएफ ने 12 दिसंबर को इसमें संलिप्त गिरोह को पकड़ कर इस खेल से पर्दा उठाया था। एसटीएफ ने लखनऊ, वाराणसी, बहराइच, आगरा, मेरठ सहित कई शहरों में धीमे किए गए मीटरोें का विवरण भी भेजा था। लेसा ने ऐसे मीटरों की जांच कराई तो बिजली चोरी पकड़ी भी गई। यूपी पावर कॉर्पोरेशन की चार सदस्यीय जांच समिति इसकी जांच भी करा रही है, बावजूद इसके लेसा को बिजली चोरी पकड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गिरोह के सदस्यों ने एसटीएफ को बताया था कि मीटर लगाने वाली एक कंपनी के सुपरवाइजर के जरिये अपट्रॉन, ठाकुरगंज, चौक, रेजीडेंसी, फैजुल्लागंज एवं चिनहट खंडीय इलाकों में बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटरों से छेड़छाड़ कर उनको धीमा किया गया। रेंडम जांच में यह सूचना सही भी पाई गई। लेकिन, पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अब तक सभी स्मार्ट मीटरों की जांच की पहल नहीं की है। नतीजा, जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर में अवरोधक, करंट बाईपास व रिमोर्ट लगवा रखा, वे आज भी धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे हैं।
2.67 लाख रुपये का जुर्माना
अर्जुनगंज निवासी विजय द्विवेदी के परिसर में बिजली चोरी करने के लिए मीटर की ओरिजनल मशीन कोे गायब करके उसकी जगह दूसरी मशीन को फिट कराया गया था। जांच टीम ने यह खेल पकड़ा तो 2.67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उपभोक्ता ने 90 हजार रुपये का आंशिक भुगतान किया, जिसके बाद उसकी कटी बिजली जोड़ दी गई।
मीटरों का भी नहीं मिल पा रहा हिसाब-किताब
पावर कॉर्पोेरेशन के चेयरमैन एम देवराज ने मीटरों से छेड़छाड़ का खुलासा होने पर मध्यांचल निगम से मीटरों का हिसाब-किताब मांगा है। इस संबंध में भी चार सदस्यीय समिति जांच कर रही है। मगर, किस इंजीनियर ने कितने मीटर इशू कराएं, कितने लगाए और कितने के दस्तावेज दिए, इसका पुख्ता ब्योरा जांच समिति को नहीं मिल पा रहा है।

चल रही विस्तृत जांच
मीटरों से छेड़छाड़ की विस्तृत जांच चल रही है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद उन सभी उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई होगी, जो बिजली चोरी कर रहे हैं। पहले चरण में कम बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं की जांच चल रही है।
- योगेश कुमार, निदेशक (वाणिज्य) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed