सामूहिक विवाह में जोड़ों को लोहे की बिछिया-पायल देने पर अफसर पर गिरी गाज, सस्पेंड
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत औरेया में कराई गई 48 जोड़ों की शादी में लोहे की बिछिया-पायल देने के मामले में शासन ने प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में रविवार को ही वहां के सीडीओ ने औरैया कोतवाली में समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। डीएम ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से की थी। देर शाम प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी विनीत कुमार तिवारी को सस्पेंड कर दिया।
औरेया में 18 फरवरी को 48 जोड़ों का विवाह कराया गया था। 27 फरवरी को डीएम श्रीकांत मिश्रा को नवविवाहिता रचना कुमारी, सरवीन, पिंकी, सत्यवती आदि ने शिकायती पत्र देकर पायल-बिछिया लोहे की होने का आरोप लगाया था। डीएम ने सीडीओ को जांच सौंपी। सीडीओ की जांच में भी ये जेवर चांदी के नहीं निकले।
जांच के बाद डीएम ने प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी विनीत कुमार तिवारी के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को भी रिपोर्ट भेजकर दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की। विनीत कुमार तिवारी औरेया के पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के साथ ही समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।
ई-टेंडरिंग से होनी चाहिए थी खरीद
बता दें कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में विवाहित जोड़ों को दी जाने वाली पायल व बिछिया की खरीद ई-टेंडरिंग के माध्यम से होनी चाहिए थी, पर औरेया में उचित प्रक्रिया के बिना ही मेसर्स जनसेवा खादी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान कटरा सेवाकली इटावा से सिल्क साड़ी-चुनरी, चुनरी लाल गोटेदार, सिल्क सलवार सूट का कपड़ा, ब्लाउज, पेटीकोट, पायल और बिछिया आदि की आपूर्ति ली गई।
देर शाम, प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने इस मामले में जिम्मेदार पाए गए प्रभारी समाज कल्याण कल्याण अधिकारी विनीत कुमार तिवारी को सस्पेंड कर दिया।