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Lucknow News: जांच में फर्जी मिला नर्सिंग कॉलेज, डीएम को सौंपी रिपोर्ट
Sat, 01 Aug 2026 09:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 01 Aug 2026 09:45 PM IST
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अयोध्या। गंगौली स्थित शंभूनाथ तिवारी नर्सिंग कॉलेज स्वास्थ्य विभाग की जांच में फर्जी मिला है। सीएमओ ने जांच कर इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। इसके बाद अब कॉलेज प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
17 छात्राओं ने 28 जुलाई को सामूहिक रूप से शिकायती पत्र दिया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाए थे कि विज्ञापन के माध्यम से जानकारी होने पर उन लोगों ने अलग-अलग वर्षों में शंभूनाथ तिवारी नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश लिया था। दो वर्ष के प्रशिक्षण के बाद उन्हें अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अंतर्गत इस कॉलेज से प्रमाणपत्र जारी किया गया। शासन की ओर से वर्ष 2023 में एएनएम की भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित होने पर उन लोगों ने भर्ती के लिए आवेदन किया।
प्रमाणपत्रों का सत्यापन होने के दौरान पता चला कि इस कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है न ही नर्सिंग के प्रशिक्षण के लिए कोई लाइसेंस जारी हुआ है। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज ने प्रति वर्ष उनसे एक लाख रुपये लिए थे। मामले का डीएम शशांक त्रिपाठी ने संज्ञान लिया और सीएमओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान सीएमओ कार्यालय में सभी छात्राओं का बयान दर्ज किया गया। कॉलेज प्रबंधन से भी पूछताछ की गई।
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सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि जांच में कॉलेज पूरी तरह फर्जी मिला है। उसे नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए मान्यता नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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17 छात्राओं ने 28 जुलाई को सामूहिक रूप से शिकायती पत्र दिया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाए थे कि विज्ञापन के माध्यम से जानकारी होने पर उन लोगों ने अलग-अलग वर्षों में शंभूनाथ तिवारी नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश लिया था। दो वर्ष के प्रशिक्षण के बाद उन्हें अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अंतर्गत इस कॉलेज से प्रमाणपत्र जारी किया गया। शासन की ओर से वर्ष 2023 में एएनएम की भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित होने पर उन लोगों ने भर्ती के लिए आवेदन किया।
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प्रमाणपत्रों का सत्यापन होने के दौरान पता चला कि इस कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है न ही नर्सिंग के प्रशिक्षण के लिए कोई लाइसेंस जारी हुआ है। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज ने प्रति वर्ष उनसे एक लाख रुपये लिए थे। मामले का डीएम शशांक त्रिपाठी ने संज्ञान लिया और सीएमओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान सीएमओ कार्यालय में सभी छात्राओं का बयान दर्ज किया गया। कॉलेज प्रबंधन से भी पूछताछ की गई।
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सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि जांच में कॉलेज पूरी तरह फर्जी मिला है। उसे नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए मान्यता नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।