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कालाबाजारी करने और नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वालों पर लगेगा रासुका

Sun, 25 Apr 2021 01:46 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 01:46 AM IST
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NSA against those who were selling duplicate remdisivir injection
लखनऊ। रेमडेसिविर इंजेक्शन की नकली खेप खपाने और असली की कालाबाजारी करने वालों पर पुलिस रासुका लगाने की तैयारी कर रही है। इन पर गैंगस्टर भी लगेगा। इस गिरोह के फरार सदस्यों और सप्लाई देने वालों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। दो टीमों ने बाराबंकी और कानपुर में डेरा डाल रखा है। पुलिस ने दो दिन के अंदर छापा मारकर 18 लोगों को कालाबाजारी और नकली इंजेक्शन बेचते पकड़ा है।
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कमिश्नरेट पुलिस ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी और नकली माल की आपूर्ति की सूचना पर पांच थाना क्षेत्र में छापा मारा था। इस दौरान ठाकुरगंज मे दो डॉक्टर सहित चार, मानकनगर में केजीएमयू कर्मचारी सहित चार, अमीनाबाद मे दो दवा कारोबारी, नाका में चार, गोमती नगर में अस्पताल के मालिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से करीब ढाई सौ इंजेक्शन बरामद किए गए।
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एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, मध्य जोन के मानकनगर में पकड़े गए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। इसमें एक टीम बाराबंकी में हैं क्योंकि इस गिरोह को नकली इंजेक्शन की आपूर्ति करने वाला मुख्य आरोपी रितेश बाराबंकी में रहता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं एक टीम गिरोह के लखनऊ नेटवर्क को खंगाल रही है। पश्चिमी जोन के एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, तीन टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाई गई हैं। लखनऊ की एक टीम कानपुर में दबिश दे रही है। वहीं दो टीमें लखनऊ के अस्पतालों और बाजारों में इस गिरोह के सदस्यों के बारे में जानकारी हासिल कर रही हैं।
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जांच के लिए भेजे जाएंगे इंजेक्शन
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, बरामद किए गए सभी इंजेक्शन की जांच कराई जाएगी। ड्रग इंस्पेक्टर को पत्र भेजा है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भी जांच की जाएगी। स्टीकर रिफलिंग के सारे सामान, रैपर और कैप कहां से खरीदे गए हैं, इसके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

स्टॉक मार्केट की तरह रोज तय होते थे दाम
पुलिस के मुताबिक, रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत कितनी है। उसका दाम कितना रखा जाएगा। यह बात रोज डॉक्टरों, चिकित्सा विभाग के कर्मचारी, दुकानदार और आपूर्ति करने वाले आपस में मिलकर तय करते थे। शुक्रवार को पकड़े गए एक नकली इंजेक्शन के कारोबारी के मोबाइल पर थाने में ही एक नामी चिकित्सक का फोन आ गया था। फोन पर चिकित्सक ने आपूर्ति करने वाले से पूछा कि आज का रेट क्या है। पुलिस के पास फोन होने से उन्हीं से पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है।
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