Ayodhya: दूसरा तल बनने के बाद नहीं होगी समस्या... मंदिर की छत टपकने के सवाल पर बोले निर्माण समिति के अध्यक्ष
राम मंदिर की छत से जल रिसाव को लेकर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सफाई दी है। उन्होंने खुद भी निरीक्षण किया और सभी सवालों के जवाब दिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि दिसंबर तक राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उन्होंने बरसात में राम मंदिर की छत टपकने के सवाल पर कहा कि हमने खुद ही गर्भगृह का निरीक्षण किया है। गुढी मंडप का काम अभी पूर्ण नहीं हुआ है। जब द्वितीय तल का काम पूरा होगा तो पानी आने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाएगी।
उन्होंने बताया कि छत पर सुरक्षा की लेयर बनाई जा रही है। लोगों में एक भ्रम पैदा कर दिया गया है कि गर्भगृह में पानी भर गया है। ऐसा कुछ नहीं है। प्रथम तल पर बिजली के तार डाले जा रहे हैं उसके लिए पाइप लगाई गई है। कुछ पाइप खुली पड़ी है। अभी पाइप से होकर बारिश का पानी नीचे तक पहुंचा है। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।
ये भी पढ़ें - अयोध्या: राम मंदिर में रात नौ बजे के बाद वीआईपी दर्शन पर लगी रोक, शयन आरती के लिए पास होगा अनिवार्य
ये भी पढ़ें - अयोध्या: बारिश में राम मंदिर टपकने पर ट्रस्ट ने दी सफाई, नृपेंद्र बोले- हां मैंने पानी गिरते देखा है, लेकिन...
उच्चतम स्तर का निर्माण कराया जा रहा है। दो बार सीबीआरआई रुड़की के इंजीनियर अयोध्या के निर्माण कार्य को देखते हैं और इसका प्रमाण पत्र देते हैं कि निर्माण कार्य पूरी तरीके से सुरक्षित है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के सवाल पर कहा कि गर्भगृह में राम मंदिर में सभी को जल चढ़ाने की अनुमति नहीं है। मंडप में पानी निकालने के लिए एक परनाला भी बनाया गया है।
सभी मंडप इस प्रकार बनाए गए हैं कि पानी नेचुरल रूप से ड्रेन होकर परनाले से निकल जाए। गर्भगृह में रामलला के स्नान के बाद आए जल को कुंड में सुरक्षित रखा जाता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.