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अब नए आयुर्वेद निदेशक पर टिकीं निगाहें : चार्ज आईएएस को मिलेगा या प्रधानाचार्य को संशय बरकरार

Fri, 11 Nov 2022 12:02 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 11 Nov 2022 12:02 PM IST
सार

आयुर्वेद निदेशक प्रो एसएन सिंह के निलंबन के बाद से निदेशालय की गतिविधियां ठप हैं। कॉलेजों की मान्यता, नए सत्र की काउंसिलिंग की तैयारी, अस्पतालों के संचालन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए निदेशक का चार्ज भी किसी न किसी को देना होगा।

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Now the eyes are on the new Ayurveda director: IAS will get the charge or the Principal remains skeptical
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आयुर्वेद निदेशक के निलंबित होने के तीन दिन बाद भी नए निदेशक की तैनाती नहीं हो सकी है। विभाग से जुड़े लोगों का तर्क है कि दाखिलों में हुई हेराफेरी को देखते हुए अब आईएएस अफसर को प्रभार दिया जा सकता है। पहले भी इस तरह की व्यवस्था रही है। डीजीएमई का चार्ज भी इन दिनों आईएएस के पास ही है, जबकि यह पद प्रधानाचार्य का है। इससे नया निदेशक आईएएस अफसर होगा या प्रधानाचार्य, इस पर संशय बना है।

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आयुर्वेद निदेशक प्रो एसएन सिंह के निलंबन के बाद से निदेशालय की गतिविधियां ठप हैं। कॉलेजों की मान्यता, नए सत्र की काउंसिलिंग की तैयारी, अस्पतालों के संचालन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए निदेशक का चार्ज भी किसी न किसी को देना होगा। सूत्रों का कहना है कि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. पीसी सक्सेना को जिम्मेदारी मिल सकती है। उनके पास निदेशक पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन का भी चार्ज है। बदली परिस्थितियों में निदेशक आयुर्वेद का पद काफी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में शासन स्तर से एक व्यक्ति को तीन चार्ज देने से कार्य प्रभावित होने की भी आशंका है। शासन स्तर पर निदेशक पद पर किसी आईएएस अथवा पीसीएस अफसर को जिम्मेदारी देने पर भी विचार चल रहा है। यह तैनाती सत्र 2022 की काउंसिलिंग की प्रक्रिया तक के लिए हो सकती है। 
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डीजीएमई को बना सकते हैं नजीर
डीजीएमई का पद वरिष्ठतम प्रधानाचार्य के लिए है। इस पद पर आईएएस की तैनाती की गई है। इसी तरह आयुर्वेद निदेशक का पद भी वरिष्ठ प्रधानाचार्य का है। विभाग में एक ही विशेष सचिव हैं। वे काउंसिलिंग बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। ऐसे में यह भी संभावना जताई जा रही है कि एक अतिरिक्त विशेष सचिव की तैनाती करके उन्हें निदेशक आयुर्वेद का चार्ज दिया जा सकता है। इससे पहले भी विभाग में इस तरह की व्यवस्था रही है।
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एसटीएफ के लिए तैयार हो रही रिपोर्ट
नीट के सभी दस्तावेज चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशलय (डीजीएमई) के पास है। यहीं से नीट से जुड़ी हार्ड डिस्क आयुर्वेद निदेशालय भेजी गई थी। ऐसे में एसटीएफ ने डीजीएमई से भी रिपोर्ट मांगी है। बताया जाता है कि डीजीएमई कार्यालय में काउंसिलिंग से जुड़े अधिकारी ने सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं।


नए निदेशक की नियुक्ति की जल्द ही घोषणा की जाएगी। नीट 2022 की काउंसिलिंग के मद्देनजर यह जरूरी है। प्रयास है कि छात्रों का किसी तरह से नुकसान न होने पाए।
- डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

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