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यात्रियों को बड़ी राहत, अब ट्रेनों की एसी बोगियों में मिलेगा कंबल और बेडरोल
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एसी ट्रेनों की बोगियों में मिलेगे कंबल और बेडरोल। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
रेल मंत्रालय ने ट्रेनों में लिनेन पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इससे यात्रियों को बेडरोल मिलना शुरू हो गया है।
यात्री लंबे समय से बेडरोल की मांग कर रहे थे। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब बृहस्पतिवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आए हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच रेलवे ने ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। इसके बाद जब स्थितियां सामान्य हुईं तो रेलवे ने ट्रेनों में मिलने वाले लिनेन पर प्रतिबंध लगा दिया।
कंबल, बेडरोल, फेस टावल, चादरों सहित बोगियों की खिड़कियों पर लगे पर्दों को ट्रेनों से हटा दिया गया था। इससे यात्रियों को खासी असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
सर्दियों में यात्रियों को एसी बोगी में कंबल व चादर लेकर यात्रा करनी पड़ी। इसे लेकर दैनिक यात्री एसोसिएशन ने काफी संघर्ष किया।
जब कोविड की परिस्थितियां लगभग सामान्य हो गई, उस वक्त भी लिनेन पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया गया।
चूंकि रेलवे में मिलने वाला बेडरोल का चार्ज टिकट में ही शामिल होता है। इसलिए यात्रियों को उस सुविधा के लिए खर्च करना पड़ रहा था, जो उन्हें मिल ही नहीं रही थी।
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लिनेन नहीं बांटने से रेलवे ने धुलाई व लिनेन की चोरी से होने वाले नुकसान को भी बचाया। रेलवे बोर्ड अधिकारी के मुताबिक, 230 करोड़ रुपये के आसपास रेलवे ने इस मद में कमाई की थी।
पर, अब रेलवे ने बृहस्पतिवार को लिनेन पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
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यात्री लंबे समय से बेडरोल की मांग कर रहे थे। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब बृहस्पतिवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आए हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच रेलवे ने ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। इसके बाद जब स्थितियां सामान्य हुईं तो रेलवे ने ट्रेनों में मिलने वाले लिनेन पर प्रतिबंध लगा दिया।
कंबल, बेडरोल, फेस टावल, चादरों सहित बोगियों की खिड़कियों पर लगे पर्दों को ट्रेनों से हटा दिया गया था। इससे यात्रियों को खासी असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
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सर्दियों में यात्रियों को एसी बोगी में कंबल व चादर लेकर यात्रा करनी पड़ी। इसे लेकर दैनिक यात्री एसोसिएशन ने काफी संघर्ष किया।
जब कोविड की परिस्थितियां लगभग सामान्य हो गई, उस वक्त भी लिनेन पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया गया।
चूंकि रेलवे में मिलने वाला बेडरोल का चार्ज टिकट में ही शामिल होता है। इसलिए यात्रियों को उस सुविधा के लिए खर्च करना पड़ रहा था, जो उन्हें मिल ही नहीं रही थी।
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लिनेन नहीं बांटने से रेलवे ने धुलाई व लिनेन की चोरी से होने वाले नुकसान को भी बचाया। रेलवे बोर्ड अधिकारी के मुताबिक, 230 करोड़ रुपये के आसपास रेलवे ने इस मद में कमाई की थी।
पर, अब रेलवे ने बृहस्पतिवार को लिनेन पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।