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अब प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने पर नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा

Tue, 16 Dec 2014 12:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 16 Dec 2014 12:01 PM IST
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Now no fraud can happen in property dealing.

भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में जालसाजी पर लगाम कसने के लिए सोमवार से नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अब आवासीय और व्यावसायिक बहुमंजिला भवनों की रजिस्ट्री के लिए एलडीए या आवास विकास परिषद से स्वीकृत मानचित्र, भवन निर्माण की परमिट संख्या के साथ ही कम्प्लीशन सर्टिफिकेट देना जरूरी होगा।

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इतना ही नहीं, विभागीय स्तर पर निबंधन विलेख और भवन मानचित्र तैयार करने वाले का भी पूरा विवरण रजिस्ट्री के दौरान भू-संपत्ति के खरीदार से दर्ज कराया जाएगा। इसके साथ ही आनुपातिक भूमि का क्षेत्रफल अंकित करना जरूरी होगा।
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निबंधन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से जालसाजी रुकेगी। इन तीनों दस्तावेजों के बिना बहुमंजिला इमारतों या भूखंड की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। यदि संपत्ति का पहले कोई इकरारनामा हुआ होगा तो उसके रजिस्ट्रेशन का पूर्ण विवरण भी देना होगा।
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नक्शा , ड्राफ्टिंग करने वाले का ब्यौरा भी

Now no fraud can happen in property dealing.

रजिस्ट्री के दौरान फर्जीवाड़ा पर प्रभावी तौर से लगाम कसने के लिए संपत्ति पर पहुंचने का मार्गदर्शक मानचित्र (नक्शा नजरी) के साथ ही संपत्ति पर निर्माण होने की दशा में निर्माण पूर्ण मानचित्र के साथ निर्मित क्षेत्र का फोटोग्राफ भी प्रस्तुत करना होगा।

इसके साथ ही संपत्ति का विलेख (ड्राफ्ट) और भवन मानचित्र तैयार करने वाले का भी नाम, पता व मोबाइल नंबर भी क्रेता द्वारा निबंधन विलेख में दर्ज करना होगा। महिला पक्षकार होने की स्थिति में मोबाइल या बेसिक फोन नंबर दर्ज कराने में आपत्ति होने पर महिला पक्षकार के पति, पिता या भाई का मोबाइल नंबर या बेसिक फोन नंबर निबंधन विलेख पर दर्ज करना होगा।

नए सर्किल रेट में यदि किसी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कार्यालय या गोदाम का निकास मुख्य मार्ग या उसकी सर्विस लेन पर नहीं होने पर उनके कुल मूल्यांकन में दस प्रतिशत की छूट मिलेगी। हालांकि वातानूकुलित शॉपिंग कॉम्पलेक्स, मॉल व मल्टीप्लेक्स को यह छूट नहीं मिलेगी।

कृषि भूमि पर अतिरिक्त सरचार्ज

Now no fraud can happen in property dealing.

ऐसे प्रतिष्ठानों में 25 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि करते हुए मूल्यांकन किया जाएगा। इसी तरह वाणिज्यिक भवनों या दुकान का क्षेत्रफल 70 वर्ग मीटर तक होगा तो उन्हें 50 वर्ग मीटर से ज्यादा के लिए तय किराए के बजाय निर्धारित किराए की दर में 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

नए सर्किल रेट में आबादी क्षेत्र से जुड़ी कृषि भूमि पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाने का प्रावधान भी है। ऐसी कृषि भूमि यदि आबादी से सटे गाटा संख्या से 50 मीटर से दूर, लेकिन 200 मीटर की परिधि में है तो उस क्षेत्र के लिए प्रचलित सामान्य कृषि दर में 30 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज वृद्धि करते हुए मूल्यांकन किया जाएगा।

निबंधन के दौरान भू-संपत्ति पर बोरवेल, कुआं या नल आदि जैसी अतिरिक्त संपत्ति होने पर इसका मूल्यांकन अलग से तय किया जाएगा। नए सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त संपत्ति के रूप में प्रति बोरवेल 30 हजार रुपये, प्रति कुआं 10 हजार रुपये और प्रति हैंडपंप 5 हजार रुपये निर्धारित होगा।

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