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महिला कल्याण योजनाओं की निगरानी अब महिला अफसर ही करेंगी, सीएम ने दिए टास्क
Thu, 17 Oct 2019 10:03 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 17 Oct 2019 10:03 AM IST
सार
- तीन सदस्यीय महिला नोडल अफसरों के साथ पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए टास्क
- कहा-18,19 व 20 को आवंटित जिलों में रहकर देखें योजनाओं की जमीनी हकीकत
- 25 अक्तूबर तक महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट देने का फरमान
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चाहते हैं। इसके संकेत उन्होंने मंगलवार को महिला नोडल अधिकारियों के साथ हुई पहली बैठक में दिए।
उन्होंने हर जिले के लिए नामित महिला नोडल अफसरों को साफ तौर पर कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विभागों की ओर से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में उन्हें अब बहाना नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए। उन्होंने नोडल अफसरों को 18, 19 व 20 अक्तूबर को आवंटित जिलों में रुककर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के साथ ही लाभार्थियों के फीडबैक जुटाने और 25 अक्तूबर से पहले पूरी रिपोर्ट देने को कहा है।
लोकभवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नोडल अफसरों की रिपोर्ट देखने के बाद ही 25 अक्तूबर को कन्या सुमंगला योजना का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। महिलाओं से जुड़ी तमाम योजनाएं संचालित तो की जा रही हैं, लेकिन अधिकांश महिलाओं को योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं है। इसलिए नोडल अफसरों को पहले महिलाओं को योजनाओं के बारे में जागरूक करना होगा।
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उन्होंने हर जिले के लिए नामित महिला नोडल अफसरों को साफ तौर पर कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विभागों की ओर से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में उन्हें अब बहाना नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए। उन्होंने नोडल अफसरों को 18, 19 व 20 अक्तूबर को आवंटित जिलों में रुककर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के साथ ही लाभार्थियों के फीडबैक जुटाने और 25 अक्तूबर से पहले पूरी रिपोर्ट देने को कहा है।
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लोकभवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नोडल अफसरों की रिपोर्ट देखने के बाद ही 25 अक्तूबर को कन्या सुमंगला योजना का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। महिलाओं से जुड़ी तमाम योजनाएं संचालित तो की जा रही हैं, लेकिन अधिकांश महिलाओं को योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं है। इसलिए नोडल अफसरों को पहले महिलाओं को योजनाओं के बारे में जागरूक करना होगा।
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उन्होंने उज्ज्वला, मिशन इंद्रधनुष, महिला हेल्पलाइन, पोषाहार, धात्री व गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं के बारे में महिलाओं को जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि जिलों में प्रवास के दौरान नोडल अधिकारी तीन तलाक कानून के बारे में भी महिलाओं को बताएं और गोष्ठी का आयोजन कराएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि किसी भी स्तर पर भेदभाव हो रहा है या लापरवाही बरती जा रही है तो ऐसे लोगों को चिह्नित करके कार्रवाई कराएं।
मुख्यमंत्री ने नोडल अफसरों से सभी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर आधारित रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलने वाले पोषण कार्यक्रमों, गरम भोजन योजना, अनुपूरक पुष्टाहार, टेक होम राशन समेत सभी योजनाओं की जानकारी देनी होगी।
बालिकाओं व महिलाओं को सुरक्षा केबारे में जागरूक करने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने योजनाओं को इवेंट के तौर पर पेश करने को कहा है। बैठक में सभी जिलों के लिए नामित नोडल अधिकारियों के अलावा सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने नोडल अफसरों से सभी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर आधारित रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलने वाले पोषण कार्यक्रमों, गरम भोजन योजना, अनुपूरक पुष्टाहार, टेक होम राशन समेत सभी योजनाओं की जानकारी देनी होगी।
बालिकाओं व महिलाओं को सुरक्षा केबारे में जागरूक करने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने योजनाओं को इवेंट के तौर पर पेश करने को कहा है। बैठक में सभी जिलों के लिए नामित नोडल अधिकारियों के अलावा सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।