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Lucknow News: अब एक ही जगह फुलटाइम डिग्री लगा सकेंगे डॉक्टर
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लखनऊ। निजी प्रतिष्ठानों के पंजीकरण में अब डॉक्टर एक ही जगह पर फुलटाइम डिग्री लगा पाएंगे। अभी तक डॉक्टर कई जिलों में फुलटाइम डिग्री लगाकर कमाई कर रहे थे।
नए पोर्टल पर संशोधन किया गया है। इसमें डॉक्टर के एमसीआई का नंबर डालते ही पता लग जाएगा कि उसने फुलटाइम किस-किस जिले में अपनी डिग्री लगा रखी है। नया अधिनियम लागू होने बाद यह व्यवस्था पहली बार लागू होने जा रही है। पंजीकरण करते वक्त यह व्यवस्था लागू रहेगी।
राजधानी के छोटे अस्पताल भी क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के दायरे में आ गए हैं। उन्हें भी पांच साल का लाइसेंस जारी होगा। इसकी प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है। अहम बात यह है कि इन अस्पतालों को फायर की एनओसी, बायो मेडिकल वेस्ट, प्रदूषण का पांच साल का लाइसेंस संबंधित विभागों से लेना होगा। नए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह का कहना है कि नया अधिनियम लागू होने के बाद एक डॉक्टर की फुलटाइम एक ही जगह डिग्री लगेगी।
एक ही जिले में दे पाएंगे ऑनकॉल की सेवा
अफसरों का कहना है कि डॉक्टर ऑनकॉल की सेवा भी एक दिन एक ही जिले में दे पाएंगे। पोर्टल पर ऑनकॉल विशेषज्ञों के लिए भी सख्ती की गई है। इनका भी एमसीआई नंबर पोर्टल पर डालकर पता किया जाएगा कि एक दिन में वह कितने अस्पताल और कितने जिले में सेवाएं दे रहे हैं। अफसरों का कहना है ऑनकॉल के नाम पर एक डॉक्टर कई जिलों में हर दिन सेवा देने का फर्जीवाड़ा करते थे। इस पर भी अब नकेल सकेगी।
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नए पोर्टल पर संशोधन किया गया है। इसमें डॉक्टर के एमसीआई का नंबर डालते ही पता लग जाएगा कि उसने फुलटाइम किस-किस जिले में अपनी डिग्री लगा रखी है। नया अधिनियम लागू होने बाद यह व्यवस्था पहली बार लागू होने जा रही है। पंजीकरण करते वक्त यह व्यवस्था लागू रहेगी।
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राजधानी के छोटे अस्पताल भी क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के दायरे में आ गए हैं। उन्हें भी पांच साल का लाइसेंस जारी होगा। इसकी प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है। अहम बात यह है कि इन अस्पतालों को फायर की एनओसी, बायो मेडिकल वेस्ट, प्रदूषण का पांच साल का लाइसेंस संबंधित विभागों से लेना होगा। नए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह का कहना है कि नया अधिनियम लागू होने के बाद एक डॉक्टर की फुलटाइम एक ही जगह डिग्री लगेगी।
एक ही जिले में दे पाएंगे ऑनकॉल की सेवा
अफसरों का कहना है कि डॉक्टर ऑनकॉल की सेवा भी एक दिन एक ही जिले में दे पाएंगे। पोर्टल पर ऑनकॉल विशेषज्ञों के लिए भी सख्ती की गई है। इनका भी एमसीआई नंबर पोर्टल पर डालकर पता किया जाएगा कि एक दिन में वह कितने अस्पताल और कितने जिले में सेवाएं दे रहे हैं। अफसरों का कहना है ऑनकॉल के नाम पर एक डॉक्टर कई जिलों में हर दिन सेवा देने का फर्जीवाड़ा करते थे। इस पर भी अब नकेल सकेगी।