उत्तर प्रदेश: गेहूं उत्पादन में आगे यूपी, फिर भी आटा-मैदा पड़ रहा महंगा; रोलर फ्लोर मिलर्स ने जताई चिंता
गेहूं उत्पादन में उत्तर प्रदेश आगे है, फिर भी आटा-मैदा महंगा पड़ रहा है। 63वीं एजीएम में रोलर फ्लोर मिलर्स ने चिंता जताई है। मंडी शुल्क खत्म करने, यूपी को उत्पादक राज्य का दर्जा देने की मांग भी उठाई। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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गेहूं उत्पादन में देश में अग्रणी उत्तर प्रदेश में ही आटा, मैदा और सूजी दूसरे राज्यों की तुलना में महंगे पड़ रहे हैं। इसकी वजह मंडी शुल्क और दूसरे राज्यों से गेहूं मंगाने पर लगने वाला भाड़ा है। उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन ने अपनी 63वीं वार्षिक आमसभा में इसे लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार बजाज ने सरकार से मंडी शुल्क के मुद्दे पर राहत देने और प्रदेश को उत्पादक राज्य का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे मिलिंग उद्योग को प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
शनिवार को ताज पैलेस में एसोसिएशन की हुई वार्षिक आम सभा में मिलिंग उद्योग के भविष्य, आधुनिक तकनीक, खाद्य सुरक्षा और वैल्यू एडिशन पर मंथन हुआ। मुख्य अतिथि आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने यूपी को मिलिंग और खाद्य प्रसंस्करण का हब बनाने पर जोर दिया।
राजनाथ सिंह ने संस्था को बधाई दी
खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने किसान से खरीद, भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण और उपभोक्ता तक खाद्यान्न पहुंचाने की श्रृंखला को मजबूत बनाने की बात कही। कार्यक्रम में एसोसिएशन और एसआईडीबीआई तथा आजीएआईएन के बीच एमओयू भी हुए। शाम को गोल्डन ग्रेन अवार्ड से उद्यमियों को सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संस्था को बधाई दी।