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केवल दृष्टिहीन ही नहीं अब सभी दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगीं ये सहूलियतें

Sat, 07 Dec 2019 12:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 07 Dec 2019 12:01 PM IST
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Now all differently abled candidates will get assistants and extra time in competitive examinations.
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तरह राज्य के समस्त दिव्यांग अभ्यर्थियों के प्रति संवेदनशील रुख दिखाते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में स्क्राइब, रीडर, प्रयोगशाला सहायक , अतिरिक्त समयव उनके अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने का फैसला किया है। अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल ने इससे संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

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वर्तमान में राज्य लोक सेवा आयोग व अन्य भर्ती आयोगों में लिखित परीक्षाओं में केवल दृष्टिहीन अभ्यर्थियों को कुछ शर्तों व प्रतिबंधों के साथ श्रुत लेखक (लेखन सहायक) की सुविधा व अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। लेकिन केंद्र सरकार ने 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग समस्त अभ्यर्थियों को लेखन सहायक सहित तमाम सुविधाएं देने की व्यवस्था लागू की है। राज्यों को भी इसे लागू करने का निर्देश दिया गया था।
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प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी तरह के दिव्यांगों को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए केंद्र की व्यवस्था प्रदेश में पूरी तरह से लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व अन्य संस्थाओं द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में 40 प्रतिशत अथवा इससे अधिक सीमा के दिव्यांग समस्त अभ्यर्थियों को स्क्राइब, रीडर, प्रयोगशाला सहायक आदि की सुविधा देने का आदेश जारी कर दिया है।
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दिव्यांगों के लिए उच्च मानक की कई अतिरिक्त सुविधाओं का भी किया एलान किया गया है।

प्रमुख निर्देश

- अभ्यर्थी को स्वयं के स्क्राइब, रीडर व प्रयोगशाला सहायक के लिए चयन करने का विकल्प होना चाहिए।
- परीक्षा से एक दिन पहले स्क्राइब से मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि उम्मीदवार यह जांच और सत्यापित कर सके कि कि स्क्राइब उपयुक्त है या नहीं।
- शैक्षणिक योग्यता, अंक, आयु या अन्य ऐसे प्रतिबंध के मानदंड स्क्राइब, रीडर, प्रयोगशाला सहायक के लिए तय नहीं होने चाहिए।
- दिव्यांग व्यक्तियों को परीक्षाओं के लिए ब्रेल में या कंप्यूटर में या बड़े प्रिंट में या फिर उत्तर भी दर्ज करने का माध्यम चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए।
- दिव्यांगता की सुविधा का लाभ नहीं लेने वाले समस्त उम्मीदवारों को तीन घंटे की अवधि की परीक्षा के लिए न्यूनतम एक घंटे का अतिरिक्त समय देने की अनुमति दी जा सकेगी। हालांकि यह केस-टू-केस देखा जाएगा।
- ऐसे अभ्यर्थियों को कैलकुलेटर (जहां अनुमति है), टेलर फ्रेम, ब्रेल स्लेट, अबेकस, ज्यामिति किट, ब्रेल मापने का टेप, संचार चार्ट और इलेक्ट्रानिक उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति दी जाए।
- ऑनलाइन परीक्षा सुलभ प्रारूप में होनी चाहिए।
- नियमित व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग मानदंड तय करने की आवश्यकता नहीं है।
- आवाज ने सुन पाने वाले अभ्यर्थियों को वर्णनात्मक प्रश्नों की जगह वैकल्पिक वस्तुनिष्ठ प्रश्न दिए जाएं।
- दृष्टिबाधित व्यक्तियों को वैकल्पिक प्रश्न देने की मौजूदा नीति की जगह दृश्य इनपुट वाले प्रश्न दिए जाएं।

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