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Lucknow News: आरटीई उल्लंघन पर सेठ एमआर जयपुरिया और विश्वनाथ एकेडमी को नोटिस

Mon, 23 Jun 2025 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 23 Jun 2025 01:43 AM IST
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Notice to Seth MR Jaipuria and Vishwanath Academy for RTE violation
आरटीई उल्लंघन पर सेठ एमआर जयपुरिया और विश्वनाथ एकेडमी को नोटिस
लखनऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निर्धन वर्ग के बच्चों को प्रवेश न देने वाले दो नामी निजी स्कूलों को संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने इस सत्र में पहली बार नोटिस जारी किया है। इनमें गोमती नगर स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल और विश्वनाथ एकेडमी शामिल हैं। इन स्कूलों को 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में उनकी एनओसी निरस्त कर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए रामप्रवेश की संस्तुति पर संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने यह नोटिस जारी किया। जयपुरिया ने विभाग को एक बच्चे का प्रवेश लेने की सूचना दी है, लेकिन अभी तक प्रवेश पाए बच्चे का ब्योरा नहीं दिया है। विश्वनाथ एकेडमी के प्रबंधक ने प्रवेश लेने से ही इन्कार किया है। प्रवेश न देने वाले इन स्कूलों पर कार्रवाई के लिए बीएसए राम प्रवेश की ओर से जेडी माध्यमिक डॉ. प्रदीप कुमार को सिफारिश भेजी गई थी। अमर उजाला ने लगातार गरीब बच्चों के अधिकारों की आवाज उठाई है।
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सिर्फ 10 सीट का लक्ष्य, फिर भी प्रवेश नहीं

प्रत्येक स्कूल को प्री-नर्सरी और कक्षा एक में पढ़ रहे बच्चों की कुल संख्या के आधार पर 25% सीटें आरटीई के तहत देना अनिवार्य है। फिर भी विभाग ने लचीलापन दिखाते हुए प्रत्येक ब्रांच में केवल 10 बच्चों को प्रवेश देने का लक्ष्य रखा, लेकिन इन स्कूलों ने एक भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया। इससे सत्र प्रभावित होने की आशंका है।
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स्कूल कर रहे हैं सरकारी प्रमाणपत्रों की निजी जांच
आरटीई के तहत पात्रता के लिए तहसील द्वारा जारी आय प्रमाणपत्र मान्य है, लेकिन कई निजी स्कूल अब इन प्रमाणपत्रों की स्वयं जांच कर रहे हैं, जो नियम विरुद्ध है। विभाग को इस बाबत अभिभावकों की कई शिकायतें मिल चुकी हैं।

अब भी 3000 से ज्यादा बच्चों को इंतजार

अब तक 12,600 बच्चों को प्रवेश मिल चुका है, लेकिन करीब 3,000 बच्चे अब भी चयन के बावजूद दाखिले का इंतजार कर रहे हैं। कई हाई-प्रोफाइल स्कूल आरटीई की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। बाल गाइड स्कूल ने तो दो बार एसडीएम को भी लौटा दिया।


कोट

स्कूल की मान्यता चाहे किसी भी बोर्ड से हो, उन्हें आरटीई कानून का पालन करना होगा। चयनित बच्चे का प्रवेश भी लेना पड़ेगा। यदि अभिभावक सजग हो गए और एफआईआर कराने लगे, तो निजी स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई तय है।
- डॉ. प्रदीप कुमार, संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल
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