{"_id":"69e4f75a867b7e371207bf3c","slug":"noida-violence-main-accused-anand-was-trying-to-take-shelter-in-kerala-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा बवाल : केरल में पनाह लेने की फिराक में था मुख्य आरोपी आनंद, पूछताछ में एसटीएफ को मिले अहम सुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा बवाल : केरल में पनाह लेने की फिराक में था मुख्य आरोपी आनंद, पूछताछ में एसटीएफ को मिले अहम सुराग
Sun, 19 Apr 2026 09:10 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 19 Apr 2026 09:10 PM IST
सार
नोएडा हिंसा के मुख्य आरोपी को केरल में एक सियासी दल के नेताओं ने शरण देने के लिए बुलाया था। मामले में ट्रांजिट रिमांड के विरोध में दो दर्जन से ज्यादा अधिवक्ताओं ने पैरवी की थी।
विज्ञापन
मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नोएडा में श्रमिकों को हिंसा के लिए भड़काने वाले तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार मुख्य आरोपी आदित्य आनंद उर्फ रस्टी केरल भागने की फिराक में था। उसे केरल के एक बड़े राजनीतिक दल के नेताओं ने शरण देने का आश्वासन दिया था, हालांकि उसकी तलाश में जुटी एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।
विज्ञापन
एसटीएफ के अधिकारी उस वक्त हैरान रह गए, जब उसकी ट्रांजिट रिमांड देने का विरोध करने अदालत में दो दर्जन से अधिक अधिवक्ता पहुंच गए। उनके हंगामे की वजह से जज ने सुनवाई नहीं की, जिसके बाद यूपी पुलिस के अफसरों ने तामिलनाडु सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधा और उसे ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाने की अनुमति हासिल की।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - भीषण गर्मी व तपिश का कहर: प्रचंड गर्मी से फिलहाल नहीं मिलेगी राहत, 11 जिलों में लू की चेतावनी
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - 21.47 करोड़ के बैंक घोटाले में ईडी ने शुरू की जांच, मांगे अभिलेख, बिना दस्तावेज बांटे गए ऋण
अधिकारियों के मुताबिक नोएडा में हुई हिंसा की साजिश की जांच कर रही एसटीएफ को आदित्य आनंद से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके बाद उसके साथियों की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से एक अर्बन नक्सल संगठन से जुड़ा था और मजदूर बिगुल संघ की गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था।
जमशेदपुर से बीटेक की पढ़ाई के बाद वह दिल्ली आ गया और दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कई छात्र संगठनों से भी जुड़ गया। वह अपने साथियों के साथ नोएडा और हरियाणा के औद्योगिक इलाकों में हिंसा भड़काने की साजिश बीते फरवरी माह से रच रहा था। बवाल से पहले अप्रैल के पहले सप्ताह में उसके घर पर हुई बैठक में विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ मजदूर बिगुल, दिशा संगठन, आरडब्ल्यूपीआई, नौजवान सभा और एकता संघर्ष समिति संगठन के 30 से ज्यादा लोग आए थे, जिसमें हिंसा भड़काने की साजिश रची गई थी। एसटीएफ उसके आवास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के साथ उसके मोबाइल को भी खंगाल रही है ताकि उसके बाकी साथियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।
लखनऊ के संगठन की भूमिका: जांच में सामने आया है कि इस साजिश में लखनऊ में सक्रिय एक संगठन का भी हाथ था। इस संगठन के पदाधिकारी नोएडा में श्रमिकों के उत्पीड़न के मुद्दे को हवा देकर बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काना चाहते थे। आदित्य कई साल से इस संगठन से जुड़ा था। इस संगठन की जड़ें नोएडा में जमाने में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है। अब एसटीएफ इस संगठन की नोएडा में हुई हिंसा के सुराग जुटा रही है ताकि उसके पदाधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।