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UP News: मदरसों के आठवीं तक के छात्रों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति, शैक्षिक सत्र 2022-23 से लागू होगा नियम
Mon, 28 Nov 2022 10:43 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 28 Nov 2022 10:43 PM IST
सार
यूपी के मदरसों में आठवीं तक के छात्रों को दी जाने वाली एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति पर रोक लगा दी
गई है। यह आदेश शैक्षिक सत्र 2022-23 से ही लागू हो जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
यूपी के मदरसों में आठवीं तक के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति पर रोक लगा दी गई है। यह नियम 2022-23 सत्र में ही लागू होगा। प्रदेश में मदरसों में पढ़ने वाले आठवीं तक के बच्चों को 1000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती थी। जिस पर रोक लगा दी गई है।
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छात्रवृत्ति बंद करने का आदेश सिर्फ मदरसों के बच्चों के लिए नहीं
कक्षा एक से कक्षा आठ तक अध्ययनरत अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति समाप्त किए जाने पर मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार का आदेश सिर्फ मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नहीं है, बल्कि ये स्कूलों पर भी लागू है।
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दरअसल, केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिये कक्षा एक से कक्षा दस तक के विद्यार्थियों को प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना संचालित करती है। केंद्र सरकार ने राइट टू एजुकेशन का हवाला देकर कक्षा एक से आठ तक के अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिये छात्रवृत्ति समाप्त कर इस योजना को कक्षा 9 व कक्षा 10 तक के लिए सीमित कर दिया है। सरकार के आदेश को मदरसों के विद्यार्थियों से जोड़े जाने पर मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जावेद ने बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार का पूरे देश के अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के लिए है। उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ मदरसों से जोड़ कर न देखा जाए। उन्होंने कहा कि कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पहले से ही निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। ऐसे में बच्चों की छात्रवृत्ति बंद की गई है।
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शुल्क भरपाई की अंतिम तिथि अब 10 तक
उत्तर प्रदेश शासन ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई के लिए अंतिम तिथि 10 दिसंबर तक बढ़ा दी है। पूर्व में अंतिम तिथि 7 नवंबर थी। दरअसल, इस बार विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रवेश देरी से शुरू होने से विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों के बड़ी संख्या में छात्र ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए थे। इन छात्रों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। छात्रों ने भी तिथि बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया था।
इसे देखते हुए शासन ने अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया। प्रमुख सचिव, समाज कल्याण डॉ. हरिओम ने बताया कि दशमोत्तर कक्षाओं (कक्षा-10 से ऊपर) के लिए अंतिम तिथि को 10 दिसंबर तक बढ़ाने का निर्णय हो चुका है। पूर्व दशम (कक्षा 9) में विद्यार्थियों के डाटा को 30 नवंबर तक लॉक करने की सुविधा दी गई है।