यूपी में सरकारी नौकरियों ने आरक्षण का नया फॉर्मूला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में आरक्षित खाली पदों की गणना तय प्रतिशत के आधार पर करते समय ‘राउंडिंग ऑफ’ के फॉर्मूले को खत्म कर दिया है। अब आरक्षण की गणना पूर्णांक के आधार पर की जाएगी। शासन ने बदली हुई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए आदेश जारी कर दिया है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में आरक्षित रिक्तियों की गणना निर्धारित प्रतिशत के आधार पर करते समय गणित के राउंडिंग ऑफ के सिद्धांत पर की जाती है। इस फॉर्मूले से गणना पर आरक्षित श्रेणी की रिक्तियां, आरक्षित श्रेणी के लिए तय प्रतिशत से अधिक भी हो जाती हैं। यह आरक्षण नियमों के विरुद्ध है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने आरक्षण की गणना के नए प्रावधानों के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने सभी प्रमुख सचिवों व सचिवों, समस्त विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों तथा समस्त मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को सरकारी सेवाओं और पदों पर आरक्षण की गणना के संबंध में नए प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
आसान शब्दों में यूं समझें
अब तक यह होता रहा
आरक्षण की गणना संबंधित वर्ग को तय फीसदी के आधार पर की जाती है। इसके आधार पर मान लीजिए उस वर्ग के हिस्से में 1.5 पद आता था तो इसे राउंड ऑफ कर दिया जाता यानी दो पद माना जाता।
अब ऐसे होगा
अब आरक्षित रिक्तियों की गणना में केवल पूर्णांकों का ही संज्ञान लिया जाएगा। भिन्न यानी फ्रैक्शन को नजरअंदाज किया जाएगा। मसलन, यदि आरक्षण प्रतिशत के आधार पर आरक्षित रिक्तियों की संख्या 1.5 आती है तो एक केवल एक पद आरक्षित किया जाएगा। यही नहीं आरक्षित रिक्तियों की संख्या यदि 1.99 आती है तो भी आरक्षित पद की गणना एक ही होगी।
इस तरह मिलता है आरक्षण
अनुसूचित जाति - 21 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति- 02 प्रतिशत
अन्य पिछड़ा वर्ग- 27 प्रतिशत
केवल समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के पदों पर
निशक्तजन- 03 प्रतिशत
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित - 02 प्रतिशत
भूतपूर्व सैनिक -05 प्रतिशत
हॉरिजॉन्टल आरक्षण : महिला - 20 प्रतिशत