{"_id":"612001468ebc3e79a8637b6d","slug":"no-relief-for-allotees-of-sulabh-awas-of-gomti-nagar-vistar-lucknow-news-lko592143980","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुलभ आवासों की दिक्कतें दूर करने में एलडीए की चयनित फर्म हुई फेल, आवंटी परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुलभ आवासों की दिक्कतें दूर करने में एलडीए की चयनित फर्म हुई फेल, आवंटी परेशान
विज्ञापन
सुलभ आवास के आवंटियों की परेशानी का नहीं निकल रहा हल।
- फोटो : ??? ?????
गोमतीनगर विस्तार में सुलभ आवासों के आवंटियों की दिक्कतें अभी भी जस की तस बनी हुई हैं। क्योंकि इसके लिए जिम्मेदार ठेकेदार फर्म काम ही नहीं कर रही है।
वहीं, एलडीए के अधिकारी कार्रवाई की जगह मौखिक-लिखित नोटिस और चेतावनी दे रहे हैं। गोमतीनगर विस्तार में एलडीए ने सेक्टर 1, 4 और 6 में चार मंजिला वाले सुलभ आवास का निर्माण एक दशक में कराया।
इनको बनाने वाली कंपनी सिंटेक्स के काम छोड़ने के बाद नई कंपनी गीता कंस्ट्रक्शंस एंड सप्लायर्स को एलडीए ने जिम्मेदारी सौंपी। नई एजेंसी को यहां रजिस्ट्री कराने के बाद आवंटियों को कब्जा देने और दूसरे रखरखाव को देखना था। इसके उलट कंपनी काम नहीं कर रही है।
शिकायतें आ रहीं, काम नहीं हो रहे
अधिशासी अभियंता जोन-1 अवनींद्र कुमार सिंह ने ठेकेदार फर्म को नया नोटिस जारी किया है। उनका कहना है कि व्हाट्सएप, आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से शिकायतें आ रही हैं। आवंटियों को न कब्जा मिल पा रहा है न ही दूसरे रखरखाव के काम किए जा रहे हैं। इससे रेरा में भी जुर्माना लगने की संभावना बढ़ गई है। अधिशासी अभियंता ने माना कि ठेकेदार फर्म काम नहीं कर रही है। इससे एलडीए की छवि खराब हो रही है। अब नोटिस में कहा गया है कि सात दिन में सभी लंबित काम खत्म कराएं। ऐसा नहीं हुआ तो ठेकेदार कंपनी को हटाकर दूसरी फर्म से काम कराया जाएगा। हालांकि, पूर्व में भी चेतावनी और नोटिस दिए गए, लेकिन मामला सिफर रहा।
विज्ञापन
खंडहर हो रहे फ्लैट, कॉमन एरिया
लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे का कहना है कि सभी सेक्टर्स के सुलभ आवासों की हालत एक जैसी है। रखरखाव के अभाव में बिल्डिंग के कॉमन एरिया और खाली फ्लैट खंडहर हो रहे हैं। इनका रखरखाव नहीं किया जा रहा है। पानी, सफाई, टूटफूट की मरम्मत जैसे काम तक नहीं कराए जा रहे हैं। इससे 2000 से अधिक परिवारों को दिक्कत बनी हुई है।
सुलभ आवास में हटेंगे अवैध कब्जेदार
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने गोमतीनगर विस्तार के सुलभ आवासों में जमे अवैध कब्जेदारों को भी हटाने का अभियान शुरू करने के लिए कहा है। यहां कई ऐसे प्रकरण सामने आए हैं जिनमें अवैध रूप से बिजली कनेक्शन लेकर बिना रजिस्ट्री लोग रहने लगे हैं। ऐसे में असली आवंटियों को कब्जा भी एलडीए नहीं दे पा रहा है। जोन-1 के इंजीनियरों को यह कार्रवाई करनी है।
विज्ञापन
वहीं, एलडीए के अधिकारी कार्रवाई की जगह मौखिक-लिखित नोटिस और चेतावनी दे रहे हैं। गोमतीनगर विस्तार में एलडीए ने सेक्टर 1, 4 और 6 में चार मंजिला वाले सुलभ आवास का निर्माण एक दशक में कराया।
इनको बनाने वाली कंपनी सिंटेक्स के काम छोड़ने के बाद नई कंपनी गीता कंस्ट्रक्शंस एंड सप्लायर्स को एलडीए ने जिम्मेदारी सौंपी। नई एजेंसी को यहां रजिस्ट्री कराने के बाद आवंटियों को कब्जा देने और दूसरे रखरखाव को देखना था। इसके उलट कंपनी काम नहीं कर रही है।
विज्ञापन
शिकायतें आ रहीं, काम नहीं हो रहे
अधिशासी अभियंता जोन-1 अवनींद्र कुमार सिंह ने ठेकेदार फर्म को नया नोटिस जारी किया है। उनका कहना है कि व्हाट्सएप, आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से शिकायतें आ रही हैं। आवंटियों को न कब्जा मिल पा रहा है न ही दूसरे रखरखाव के काम किए जा रहे हैं। इससे रेरा में भी जुर्माना लगने की संभावना बढ़ गई है। अधिशासी अभियंता ने माना कि ठेकेदार फर्म काम नहीं कर रही है। इससे एलडीए की छवि खराब हो रही है। अब नोटिस में कहा गया है कि सात दिन में सभी लंबित काम खत्म कराएं। ऐसा नहीं हुआ तो ठेकेदार कंपनी को हटाकर दूसरी फर्म से काम कराया जाएगा। हालांकि, पूर्व में भी चेतावनी और नोटिस दिए गए, लेकिन मामला सिफर रहा।
विज्ञापन
खंडहर हो रहे फ्लैट, कॉमन एरिया
लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे का कहना है कि सभी सेक्टर्स के सुलभ आवासों की हालत एक जैसी है। रखरखाव के अभाव में बिल्डिंग के कॉमन एरिया और खाली फ्लैट खंडहर हो रहे हैं। इनका रखरखाव नहीं किया जा रहा है। पानी, सफाई, टूटफूट की मरम्मत जैसे काम तक नहीं कराए जा रहे हैं। इससे 2000 से अधिक परिवारों को दिक्कत बनी हुई है।
सुलभ आवास में हटेंगे अवैध कब्जेदार
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने गोमतीनगर विस्तार के सुलभ आवासों में जमे अवैध कब्जेदारों को भी हटाने का अभियान शुरू करने के लिए कहा है। यहां कई ऐसे प्रकरण सामने आए हैं जिनमें अवैध रूप से बिजली कनेक्शन लेकर बिना रजिस्ट्री लोग रहने लगे हैं। ऐसे में असली आवंटियों को कब्जा भी एलडीए नहीं दे पा रहा है। जोन-1 के इंजीनियरों को यह कार्रवाई करनी है।