लखनऊः कोरोना की सेकंड वेव का खतरा, अफसर बेखबर
राजधानी में करीब 68504 मरीज पाए जा चुके हैं। बृहस्पतिवार को 310 मरीज थे तो शुक्रवार को यह संख्या 382 पहुंच गई। नौ अक्तूबर को 409 मरीज मिले थे। इसके बाद ग्राफ गिरा और 15 नवंबर को 155 तक आ गया था, लेकिन 16 से फिर से बढ़ोतरी शुरू हो गई।
नवंबर में एक्टिव केस 3000 के आसपास रहा है, लेकिन तीन दिन से बढ़ोतरी के साथ 20 नवंबर को 3340 एक्टिव केस हो गए हैं। एसीएमओ डॉ. ए राजा ने कहा कि दीवाली बाद सैंपलिंग बढ़ने से मरीज बढ़े हैं।
त्योहार के आसपास औसत सैंपलिंग 5000 थी, जिसे दो दिन से 9 से 10 हजार के बीच लाया गया है। अभी दिल्ली जैसी स्थिति नहीं है। रैंडम सर्वे में भी इसके लक्षण नहीं मिल रहे हैं। सेकंड वेव आई भी तो पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर है। अस्पतालों में इलाज की सभी व्यवस्थाएं हैं।
छठ के बाद 5 दिन होंगे अहम
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि छठ के बाद पांच दिन काफी अहम होंगे। क्योंकि भीड़-भाड़ में जो लोग संक्रमित होंगे, उसका असर पांच दिन में दिखेगा। 25 से 31 अक्तूबर के बीच संक्रमण की दर 4.91 फीसदी है।
एक से 7 नवंबर के बीच संक्रमण की दर घटकर 3.10 पहुंची और 8 से 13 नवंबर के बीच यह दर 3.17 फीसदी रही। 14 से 17 नवंबर के बीच 20708 सैंपल लिए गए, जिनमें 948 पॉजिटिव केस मिले। यह दर 4.57 फीसदी है। दीवाली के बाद तीन दिन में ही संक्रमण की दर में 1.40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 18 से 20 के बीच में संक्रमण की दर 3.80 फीसदी बनी हुई है।
बाजार में भीड़ अधिक रहने से बढ़ी संक्रमण की दर
-डॉ. पीके गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष आईएमए
मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग से ही कोरोना से बचाव
हर स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। त्योहार पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है तो मास्क का इस्तेमाल तो किया ही जा सकता है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना को मात देने का सबसे सरल व सटीक तरीका है। जो भी लोग त्योहार मना रहे हैं, उन्हें लगातार मास्क लगाए रखना चाहिए। घर पहुंचने पर अच्छी तरह से साबुन से हाथ-पैर धुलने और कपड़े बदलने के बाद ही घर में प्रवेश करें। यदि परिवार में बुजुर्ग और बीमार लोग हैं तो पूजा स्थल से लौटने के बाद दो दिन तक उनसे दूरी बना कर रखें।
-डॉ. वेद प्रकाश, विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर, केजीएमयू