{"_id":"601713138ebc3ef917256e74","slug":"no-practical-classess-exam-dates-came-close-lko-city-news-lko562554076","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड : स्कूलों ने प्रैक्टिकल कराए नहीं और आ गई परीक्षा, टेंशन में स्टूडेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्ड : स्कूलों ने प्रैक्टिकल कराए नहीं और आ गई परीक्षा, टेंशन में स्टूडेंट
विज्ञापन
No practical classess, exam dates came close
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभिषेक सिंह
लखनऊ। यूपी बोर्ड के इंटर के छात्र इस बार आधे-अधूरे ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे। प्रैक्टिकल परीक्षा 3 से 12 फरवरी तक प्रस्तावित है, लेकिन इक्का-दुक्का छोड़ दिया जाए तो कोई ऐसा स्कूल नहीं है, जहां प्रयोगशाला में सारे प्रैक्टिकल करा दिए गए हों। शिक्षकों का कहना है कि इस बार महज खानापूरी के लिए प्रयोगात्मक परीक्षा होगी।
स्कूल खुले महज तीन महीने हुए हैं। उसमें भी दो सप्ताह पहले तक केवल तीन घंटे की ही पढ़ाई होती थी। सरकारी स्कूलों में संसाधन की कमी से छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई ठीक से नहीं हुई। प्रैक्टिकल के नाम पर महज कोरम पूरा किया गया है। खासकर सहायता प्राप्त विद्यालयों में न पूरे प्रैक्टिकल कराए गए और न ही सभी छात्र इसे करने स्कूल पहुंचे। अभी प्री-बोर्ड परीक्षा चल रही है। अभी छात्र एक बार पूरे प्रैक्टिकल भी नहीं कर पाए हैं।
जय नारायण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एके पांडेय ने बताया कि जब छात्र आते ही नहीं थे तो प्रैक्टिकल कैसे कराए जा सकते हैं। हरि चंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद द्विवेदी ने बताया कि विज्ञान के थोड़े ही छात्र बचे हैं। वो भी नहीं आते हैं। यहां लैब वर्षों से बदहाल पड़ी है। जीआईसी हुसैनाबाद, एमकेएसडी इंटर कॉलेज, बॉयज एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, क्वींस इंटर कॉलेज समेत ज्यादातर कॉलेजों में प्रैक्टिकल की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
विज्ञापन
माहभर बाद प्रयोगात्मक परीक्षा के पक्ष में
स्कूल प्रबंधन एक महीना बाद प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के पक्ष में हैं। शिक्षकों के अनुसार, अभी बोर्ड परीक्षा में समय है। ऐसे में छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा भी बाद में कराई जा सकती है। इस बीच छात्रों की बोर्ड और प्रयोगात्मक की तैयारी अच्छे से हो जाएगी। जिले के शिक्षकों को दूसरे मंडल में परीक्षा लेने जाना पड़ेगा। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। जीजीआईसी सरोसा भरोसा की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. वंदना तिवारी ने बताया कि अभी प्री-बोर्ड परीक्षा खत्म हुई है। इसके बाद कम से कम एक से डेढ़ महीना तैयारी के लिए समय मिलता तो अच्छा होता है। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने प्रयोगात्मक क्रियाएं पूरी नहीं कराई हैं। छात्रों का रिवीजन भी नहीं हुआ है। ऐसे में इतनी जल्दी प्रयोगात्मक परीक्षा कैसे दे पाएंगे।
परेशानी यह भी...
न शिक्षकों का पता न छात्रों के रोल नंबर का
लखनऊ। जिले में यूपी बोर्ड इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा 3 से 12 फरवरी तक प्रस्तावित है। बोर्ड ने परीक्षा कराने के आदेश तो दो हफ्ते पहले ही दे दिए थे, लेकिन अभी तक बोर्ड ने स्कूलों को उन शिक्षकों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है, जो परीक्षा लेंगे। वहीं, छात्रों की लिस्ट और उनके रोल नंबर की सूची भी अभी जारी नहीं की गई है। ऐसे में कौन से छात्र परीक्षा में बैठेंगे और उनका क्या रोल नंबर होगा इसकी जानकारी स्कूलों को नहीं है। स्कूलों के अनुसार, स्थितियों को देख कर लगता है कि परीक्षा 8 फरवरी से पहले शुरू नहीं हो पाएगी।
ऐसे होती है परीक्षा
बोर्ड जिला विद्यालय निरीक्षक के परीक्षा कार्यालय को परीक्षा लेने वाले शिक्षकों की सूची और छात्रों के रोल नंबर उपलब्ध कराता है। जिसे सभी स्कूलों को वितरित किया जाता है। परीक्षा लेने वाले शिक्षक दूसरे मंडल के होते हैं। एक शिक्षक 300 छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा ले सकता है। स्कूल परीक्षा लेने वाले शिक्षक से परीक्षा का दिन व समय तय करता है। एक स्कूल में आसपास के स्कूलों के छात्रों की भी प्रैक्टिकल परीक्षा कराई जाती है। समय व तिथि तय होने के बाद जितने स्कूल के छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं उनको पूर्व में सूचना दी जाती है। इस प्रक्रिया में एक हफ्ते तक का समय लग जाता है। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि अभी तक बोर्ड की तरफ से कोई सामग्री उपलब्ध नहीं कराई है और न ही कोई सूचना आई है।
बोर्ड से नहीं मिली अभी कोई जानकारी
डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि बोर्ड की तरफ से परीक्षा प्रपत्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं। अभी इसको लेकर कोई जानकारी नहीं आई है।
विज्ञापन
लखनऊ। यूपी बोर्ड के इंटर के छात्र इस बार आधे-अधूरे ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे। प्रैक्टिकल परीक्षा 3 से 12 फरवरी तक प्रस्तावित है, लेकिन इक्का-दुक्का छोड़ दिया जाए तो कोई ऐसा स्कूल नहीं है, जहां प्रयोगशाला में सारे प्रैक्टिकल करा दिए गए हों। शिक्षकों का कहना है कि इस बार महज खानापूरी के लिए प्रयोगात्मक परीक्षा होगी।
स्कूल खुले महज तीन महीने हुए हैं। उसमें भी दो सप्ताह पहले तक केवल तीन घंटे की ही पढ़ाई होती थी। सरकारी स्कूलों में संसाधन की कमी से छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई ठीक से नहीं हुई। प्रैक्टिकल के नाम पर महज कोरम पूरा किया गया है। खासकर सहायता प्राप्त विद्यालयों में न पूरे प्रैक्टिकल कराए गए और न ही सभी छात्र इसे करने स्कूल पहुंचे। अभी प्री-बोर्ड परीक्षा चल रही है। अभी छात्र एक बार पूरे प्रैक्टिकल भी नहीं कर पाए हैं।
विज्ञापन
जय नारायण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एके पांडेय ने बताया कि जब छात्र आते ही नहीं थे तो प्रैक्टिकल कैसे कराए जा सकते हैं। हरि चंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद द्विवेदी ने बताया कि विज्ञान के थोड़े ही छात्र बचे हैं। वो भी नहीं आते हैं। यहां लैब वर्षों से बदहाल पड़ी है। जीआईसी हुसैनाबाद, एमकेएसडी इंटर कॉलेज, बॉयज एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, क्वींस इंटर कॉलेज समेत ज्यादातर कॉलेजों में प्रैक्टिकल की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
विज्ञापन
माहभर बाद प्रयोगात्मक परीक्षा के पक्ष में
स्कूल प्रबंधन एक महीना बाद प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के पक्ष में हैं। शिक्षकों के अनुसार, अभी बोर्ड परीक्षा में समय है। ऐसे में छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा भी बाद में कराई जा सकती है। इस बीच छात्रों की बोर्ड और प्रयोगात्मक की तैयारी अच्छे से हो जाएगी। जिले के शिक्षकों को दूसरे मंडल में परीक्षा लेने जाना पड़ेगा। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। जीजीआईसी सरोसा भरोसा की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. वंदना तिवारी ने बताया कि अभी प्री-बोर्ड परीक्षा खत्म हुई है। इसके बाद कम से कम एक से डेढ़ महीना तैयारी के लिए समय मिलता तो अच्छा होता है। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने प्रयोगात्मक क्रियाएं पूरी नहीं कराई हैं। छात्रों का रिवीजन भी नहीं हुआ है। ऐसे में इतनी जल्दी प्रयोगात्मक परीक्षा कैसे दे पाएंगे।
परेशानी यह भी...
न शिक्षकों का पता न छात्रों के रोल नंबर का
लखनऊ। जिले में यूपी बोर्ड इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा 3 से 12 फरवरी तक प्रस्तावित है। बोर्ड ने परीक्षा कराने के आदेश तो दो हफ्ते पहले ही दे दिए थे, लेकिन अभी तक बोर्ड ने स्कूलों को उन शिक्षकों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है, जो परीक्षा लेंगे। वहीं, छात्रों की लिस्ट और उनके रोल नंबर की सूची भी अभी जारी नहीं की गई है। ऐसे में कौन से छात्र परीक्षा में बैठेंगे और उनका क्या रोल नंबर होगा इसकी जानकारी स्कूलों को नहीं है। स्कूलों के अनुसार, स्थितियों को देख कर लगता है कि परीक्षा 8 फरवरी से पहले शुरू नहीं हो पाएगी।
ऐसे होती है परीक्षा
बोर्ड जिला विद्यालय निरीक्षक के परीक्षा कार्यालय को परीक्षा लेने वाले शिक्षकों की सूची और छात्रों के रोल नंबर उपलब्ध कराता है। जिसे सभी स्कूलों को वितरित किया जाता है। परीक्षा लेने वाले शिक्षक दूसरे मंडल के होते हैं। एक शिक्षक 300 छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा ले सकता है। स्कूल परीक्षा लेने वाले शिक्षक से परीक्षा का दिन व समय तय करता है। एक स्कूल में आसपास के स्कूलों के छात्रों की भी प्रैक्टिकल परीक्षा कराई जाती है। समय व तिथि तय होने के बाद जितने स्कूल के छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं उनको पूर्व में सूचना दी जाती है। इस प्रक्रिया में एक हफ्ते तक का समय लग जाता है। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि अभी तक बोर्ड की तरफ से कोई सामग्री उपलब्ध नहीं कराई है और न ही कोई सूचना आई है।
बोर्ड से नहीं मिली अभी कोई जानकारी
डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि बोर्ड की तरफ से परीक्षा प्रपत्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं। अभी इसको लेकर कोई जानकारी नहीं आई है।