कोरोना के संक्रमण से अपनी रक्षा और दूसरों को बचाने के लिए लखनऊ के लोग जरा भी गंभीर नहीं हैं। अनलॉक 2.0 में जिस तरह लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए बिना मास्क पहने खुलेआम महामारी एक्ट के नियमों का मखौल उड़ा रहे हैं, उससे विशेषज्ञ राजधानी में सामूहिक संक्रमण की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने पिछले दो माह के दौरान मास्क न पहनने वाले 17 हजार लोगों से जुर्माना वसूल चुकी है, बावजूद इसके लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारियां भी की गईं। लोगों में न तो कोरोना का खौफ दिख रहा है और न ही पुलिस की कार्रवाई का असर।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि दो माह में विभिन्न थानों की पुलिस ने 17 हजार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे 100 रुपये जुर्माना वसूला। अगर कोई व्यक्ति दोबारा मास्क के बगैर पाया जाता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाता है। हालांकि, अभी तक ऐसा मामला सामने नहीं आया है।
अधिकतर मामलों में लोग मास्क जेब में रखे रहते हैं या इस तरह से चेहरे पर लगाते हैं कि पुलिस को देखते ही उसे पहन लिया जाए। ऐसे करीब 15 हजार लोगों को चेतावनी देकर छोड़ा भी गया है। इसके अलावा कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन के 995 मुकदमे दर्ज किए गए। इन मुकदमों में 2482 आरोपी पाए गए और सभी की गिरफ्तारी की गई।
महामारी एक्ट के तहत कुल 275 मुकदमे दर्ज हुए। इन मुकदमों में 682 आरोपी पाए गए। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की गई। इसके अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम के सात मुकदमे दर्ज किए गए, जिसमें 13 आरोपी थे। इस मामले में भी सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
यही नहीं, लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। वाहन अधिनियम के तहत छोटे-बड़े, चार पहिया व दोपहिया कुल 376058 वाहन चेक किए गए जिसमें 76470 वाहनों का चालान हुआ जबकि 5854 सीज किए गए। उक्त कार्रवाई में कुल 3209700 शमन शुल्क वसूला गया।