फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   no new tax in new financial year

Lucknow News: नए कर का बोझ नहीं, विकास कार्यों के बजट पर चली कैंची

Sat, 01 Apr 2023 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Apr 2023 01:57 AM IST
विज्ञापन
no new tax in new financial year
लखनऊ। नए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए नगर निगम का 17.77 अरब रुपये का बजट पास किया गया। यह बीते वित्तीय वर्ष (19.63 अरब) के मुकाबले करीब दो करोड़ रुपये कम है। नए बजट में शहरवासियों पर नए कर या गृहकर दर में वृद्धि का बोझ तो नहीं बढ़ा, लेकिन विकास कार्यों पर होने वाला खर्च भी घटा दिया गया है। इसका असर सड़कों, नाली, फुटपाथ और गलियों की मरम्मत पर पड़ेगा।
विज्ञापन

इस समय पार्षद और महापौर नहीं हैं तो इनके कोटे के लिए वार्ड विकास निधि का बजट काट दिया गया है। नगर निगम का निर्वाचित सदन न होने से बजट भी नगर निगम के प्रशासक ने तय किया है। हालांकि, इसमें जनप्रतिनिधियों के सुझाव भी शामिल नहीं हैं।
विज्ञापन


इस बार के बजट में आय 17.77 अरब के मुकाबले खर्च 16.47 अरब होगा। ऐसे में 1.30 अरब रुपये कम खर्च होने से निगम को फायदा होगा। नए बजट में डिजिटल कार्यों पर खर्च बढ़ाया है, लेकिन कचरा प्रबंधन सहित कई कार्यों के बजट पर कैंची चलाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन




पहली बार कम हुआ सड़क मरम्मत का बजट

बीते साल नगर निगम ने सड़कों की मरम्मत व नवीनीकरण के लिए 170 करोड़ का बजट पास किया था। यह इस बार सिर्फ 70 करोड़ रखा गया है, जिसका सीधा असर सड़कों की मरम्मत और सुधार के कामों पर पड़ेगा। पार्षद कोटे से सड़क निर्माण व मरम्मत के काम कराए जाते हैं। ऐसे में हर बार सदन में यह बढ़ता ही रहा है। इस बार पार्षद व महापौर नहीं हैं तो नगर निगम के प्रशासक को बजट घटाने में परेशानी नहीं हुई। पहले बजट न बढ़ाने पर पार्षद इतना हंगामा करते थे कि प्रशासन को इसे बढ़ाना ही पड़ता था।



यहां कम हुआ विकास का बजट

- मार्ग प्रकाश के नए कामों के लिए पिछले बजट में छह करोड़ का प्रावधान था, जो इस बार दो करोड़ कर दिया गया है।

- धार्मिक व अन्य आयोजनों के दौरान की जाने वाली अस्थायी मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए बीते साल चार करोड़ रुपये रखे गए थे। इस बार महज एक करोड़ का प्रावधान किया गया।

- स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के लिए बीते साल 11 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे इस बार पांच करोड़ कर दिया गया है।

- कूड़ा प्रबंधन के लिए पिछले बजट में 75 करोड़ रुपये थे। नए बजट में यह 50 करोड़ कर दिया गया है।

- पार्कों की रंगाई-पुताई, बाउंड्रीवाल बनाने और कम्पोस्ट पिट के निर्माण के लिए पिछले बजट में दो करोड़ का प्रावधान था। इस बार महज 50 लाख रुपये का बजट है।


- टेलीफोन खर्च के लिए बीते बजट में 20 लाख का प्रावधान था। इस बार 15 लाख ही रखे गए हैं।



यहां बढ़ाया गया है बजट

- कम्प्यूटराइजेशन के लिए पिछले बजट में एक करोड़ रुपये का प्रावधान था, जो इस बार दो करोड़ रुपये कर दिया गया है।

- भूमि संपत्तियों के सर्वे व बांउड्रीवाल निर्माण के लिए बजट में बीते साल दो करोड़ रुपये रखे गए थे। इसे इस बार पांच करोड़ कर दिया गया है।

- ठेकेदारों का पुराना बकाया चुकाने के लिए पिछले बजट में 291 करोड़ का प्रावधान किया। इसे नए बजट में 350 करोड़ कर दिया गया है।



किन कार्यों पर कितना खर्च होगा बजट

ठेकेदारों का बकाया भुगतान- 350 करोड़
14वें, 15वें वित्त से विकास कार्य- 300 करोड़
समग्र विकास निधि, अंत्येष्ठि स्थल के सौंदर्यीकरण व डिपॉजिट मद के काम- 150 करोड़
सफाई का ठेका - 135 करोड़
सड़क मरम्मत व नवीनीकरण-70 करोड़
कचरा प्रबंधन- 50 करोड़
आहाना एंक्लेव पर-50 करोड़
डीजल और पेट्रोल- 45 करोड़
अवस्थापना निधि से कराए जाने वाले कार्य-35 करोड़
पार्क के रखरखाव व कर्मचारियों पर- 30 करोड़

अमृत योजना के कार्यों पर -10 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों पर- 10 करोड़
मार्ग प्रकाश के नए काम, मरम्मत व सामान खरीद पर- 07 करोड़
नालों की सफाई - 03 करोड़
नई सड़क के निर्माण पर- 01 करोड़
वेंडिंग जोन संचालन व अनुरक्षण-50 लाख

पार्कों में निर्माण कार्य व कम्पोस्ट पिट बनाने पर-50 लाख



--------------------------



कहां से की जाएगी कितनी आय



गृहकर से - 350 करोड़
14वें, 15वें वित्त से -300 करोड़
अहाना एन्क्लेव से - 105 करोड़
म्यूनिसिपल बॉन्ड से -50 करोड़
यूजर चार्ज से - 45 करोड़
शासन से मिलने वाले दो प्रतिशत स्टॉम्प शुल्क से -40 करोड़
एलडीए, आवास विकास की कॉलोनी हस्तांतरण से -30 करोड़
पार्किंग ठेके से -15 करोड़
विज्ञापन शुल्क से -12 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन से -10 करोड़
मलबा शुल्क से-08 करोड़
रोड कटिंग से -06 करोड़
लाइसेंस शुल्क से -05 करोड़
अमृत मिशन योजना से -10 करोड़
प्रेक्षागृहों पर कर से -1.50 करोड़
लीज रेंट से -1.50 करोड़
कांजी हाउस से - 1 .50 करोड़
कल्याण मंडप से -1.50 करोड़
कुत्तों पर कर से -10 लाख





निगम की देनदारी कम करने का प्रयास

नए वित्तीय वर्ष के लिए नगर निगम के प्रशासक व डीएम ने बजट मंजूर कर दिया है। कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया और न ही हाउस टैक्स की दर में वृद्धि की गई है। आय को देखते हुए खर्च का प्रावधान किया गया है। कोशिश की गई है कि जो जरूरत के काम हैं वे कराए जाएं। साथ ही नगर निगम की देनदारी को कम किया जाए।

इंद्रजीत सिंह, नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed