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Lucknow News: अंसल से नहीं मिला घर, अब एलडीए से जगी उम्मीद
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अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।
लखनऊ। दिवालिया कंपनी अंसल एपीआई की शहीद पथ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप को एलडीए अपने कब्जे में लेगा। मंगलवार को कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद उन आवंटियों में उम्मीद जगी है, जो 16 साल से पैसा जमा करने के बावजूद फ्लैट, मकान और प्लॉट के लिए दौड़ रहे हैं। इनकी संख्या करीब 5000 है।
अमर उजाला ने बुधवार को ऐसे कई आवंटियों से बात की तो उनका दर्द सामने आया। बोले, अंसल ने उन्हें ठगा। पैसा जमा करने के बाद लगातार दौड़ाता रहा। एक समय लगा कि पैसा डूब गया और अब कुछ नहीं मिलेगा। शासन के फैसले से अब उम्मीद जगी है कि पैसा या आशियाना मिल सकेगा। खास बात यह है कि अंसल में बुकिंग कराने वालों में बड़ी संख्या बाहरी जिलों के लोगों की थी। उनका सपना लखनऊ में अपना घर बनाने का था, लेकिन अंसल के चक्कर में फंस गए। पेश है ऐसे ही कुछ आवंटियों से बातचीत के अंश।
2009 में बुक कराया फ्लैट, अब तक नहीं मिला
अंसल ने 2009 में आस्था अपार्टमेंट नाम से योजना शुरू की थी। इसमें 12.5 लाख रुपये में टू बीएचके फ्लैट देने का वादा किया गया था। मैंने और पांच दोस्तों ने फ्लैट बुक कराए। पैसा जमा किया, लेकिन फ्लैट नहीं मिला। आस्था अपार्टमेंट बना ही नहीं। एनसीएलटी में गया तो वहां अंसल को ब्याज सहित पैसा लौटाने का आदेश हुआ, मगर अमल नहीं हुआ। अब उम्मीद जगी है। हो सकता है कि फ्लैट या पैसा मिल जाए।
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- रिंकू बोरा, सोनभद्र
पैसा लिया, प्लॉट नहीं दिया
साल 2010 में मैंने दो अन्य लोगों के साथ अंसल में प्लॉट बुक किया था, मगर अंसल ने सिर्फ दो प्लॉट दिए। कहा कि तीनों लोग इन्हीं में एडजस्ट कर लें। काफी प्रयास किया तो कहा गया कि ज्यादा पैसा देना होगा। इस पर भी सहमति दी, फिर भी प्लॉट नहीं मिला। अंसल ने पैसा लेने के बाद सिर्फ एग्रीमेंट किया, रजिस्ट्री नहीं की। अब कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद उम्मीद है कि प्लॉट मिल जाएगा।
- बीपी गिरी, लखनऊ
अंसल सिर्फ दौड़ाता रहा
साल 2011 में अंसल में एक विला बुक कराया था। उस समय कहा गया था कि 30 प्रतिशत पैसा जमा करने पर कब्जा मिल जाएगा। एक साल में तय राशि जमा कर दी, मगर कब्जा नहीं मिला। अंसल सिर्फ आश्वासन देता रहा। 2017 में जब लिखित में कब्जे की तारीख देने के लिए कहा तो अंसल ने 2021 में कब्जा देने का लिखित आश्वासन दिया, मगर वह भी पूरा नहीं हुआ। अंसल ने 16 साल दौड़ाया। अब उम्मीद जगी है कि विला मिल जाएगा।
- आरएन पंधारी, प्रयागराज
देर सही, अब मिल जाए तो अच्छा
मूल रूप से वाराणसी का रहने वाला हूं। बीएसएनएल में नौकरी के दौरान पूरे देश में तबादला होता रहा। लखनऊ में पढ़ाई कर रही बेटी से मिलने आना-जाना होता था। यहां अपना घर हो, इसके लिए 2009 में अंसल में प्लॉट बुक कराया। बुकिंग के समय 2013 में कब्जा देने की बात कही गई थी, मगर ऐसा नहीं हुआ, जबकि पूरा पैसा जमा है। अब शासन के फैसले से उम्मीद जगी है। अब भी प्लॉट मिल जाए तो बहुत अच्छा रहेगा।
-रमेश चंद्र गुप्ता, बंगलूरू
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अमर उजाला ने बुधवार को ऐसे कई आवंटियों से बात की तो उनका दर्द सामने आया। बोले, अंसल ने उन्हें ठगा। पैसा जमा करने के बाद लगातार दौड़ाता रहा। एक समय लगा कि पैसा डूब गया और अब कुछ नहीं मिलेगा। शासन के फैसले से अब उम्मीद जगी है कि पैसा या आशियाना मिल सकेगा। खास बात यह है कि अंसल में बुकिंग कराने वालों में बड़ी संख्या बाहरी जिलों के लोगों की थी। उनका सपना लखनऊ में अपना घर बनाने का था, लेकिन अंसल के चक्कर में फंस गए। पेश है ऐसे ही कुछ आवंटियों से बातचीत के अंश।
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2009 में बुक कराया फ्लैट, अब तक नहीं मिला
अंसल ने 2009 में आस्था अपार्टमेंट नाम से योजना शुरू की थी। इसमें 12.5 लाख रुपये में टू बीएचके फ्लैट देने का वादा किया गया था। मैंने और पांच दोस्तों ने फ्लैट बुक कराए। पैसा जमा किया, लेकिन फ्लैट नहीं मिला। आस्था अपार्टमेंट बना ही नहीं। एनसीएलटी में गया तो वहां अंसल को ब्याज सहित पैसा लौटाने का आदेश हुआ, मगर अमल नहीं हुआ। अब उम्मीद जगी है। हो सकता है कि फ्लैट या पैसा मिल जाए।
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- रिंकू बोरा, सोनभद्र
पैसा लिया, प्लॉट नहीं दिया
साल 2010 में मैंने दो अन्य लोगों के साथ अंसल में प्लॉट बुक किया था, मगर अंसल ने सिर्फ दो प्लॉट दिए। कहा कि तीनों लोग इन्हीं में एडजस्ट कर लें। काफी प्रयास किया तो कहा गया कि ज्यादा पैसा देना होगा। इस पर भी सहमति दी, फिर भी प्लॉट नहीं मिला। अंसल ने पैसा लेने के बाद सिर्फ एग्रीमेंट किया, रजिस्ट्री नहीं की। अब कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद उम्मीद है कि प्लॉट मिल जाएगा।
- बीपी गिरी, लखनऊ
अंसल सिर्फ दौड़ाता रहा
साल 2011 में अंसल में एक विला बुक कराया था। उस समय कहा गया था कि 30 प्रतिशत पैसा जमा करने पर कब्जा मिल जाएगा। एक साल में तय राशि जमा कर दी, मगर कब्जा नहीं मिला। अंसल सिर्फ आश्वासन देता रहा। 2017 में जब लिखित में कब्जे की तारीख देने के लिए कहा तो अंसल ने 2021 में कब्जा देने का लिखित आश्वासन दिया, मगर वह भी पूरा नहीं हुआ। अंसल ने 16 साल दौड़ाया। अब उम्मीद जगी है कि विला मिल जाएगा।
- आरएन पंधारी, प्रयागराज
देर सही, अब मिल जाए तो अच्छा
मूल रूप से वाराणसी का रहने वाला हूं। बीएसएनएल में नौकरी के दौरान पूरे देश में तबादला होता रहा। लखनऊ में पढ़ाई कर रही बेटी से मिलने आना-जाना होता था। यहां अपना घर हो, इसके लिए 2009 में अंसल में प्लॉट बुक कराया। बुकिंग के समय 2013 में कब्जा देने की बात कही गई थी, मगर ऐसा नहीं हुआ, जबकि पूरा पैसा जमा है। अब शासन के फैसले से उम्मीद जगी है। अब भी प्लॉट मिल जाए तो बहुत अच्छा रहेगा।
-रमेश चंद्र गुप्ता, बंगलूरू

अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।

अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।

अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।

अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।

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अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।

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अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।

अंसल की इसी जमीन पर मिलना है कब्जा।