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Lucknow News: ओमेक्स के चेयरमैन और एमडी के खिलाफ नहीं मिले साक्ष्य, हटाए गए नाम
Mon, 10 Nov 2025 02:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 10 Nov 2025 02:23 AM IST
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लखनऊ। फ्लैट के नाम पर ठगी के मामले में ओमेक्स के चेयरमैन रोहतास गोयल और एमडी मोहित गोयल के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं। विभूतिखंड पुलिस ने उनके नाम मुकदमे से हटा दिए हैं। अमेठी जिले के जगदीशपुर निवासी हरिराम बाथम ने बीते बुधवार को चेयरमैन, एमडी और कर्मचारियों के खिलाफ थाने में 55 लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज कराया था।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक, हरिराम की शिकायत पर मामले की जांच एसीपी को दी गई थी। एसीपी की जांच में ओमेक्स के चेयरमैन और एमडी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले। इसलिए उनके नाम मुकदमे में शामिल नहीं किए गए, जबकि पूर्व कर्मचारी राहुल सिंह व अन्य पर केस दर्ज किया गया था।
हरिराम का आरोप था कि उनसे व 13 अन्य लोगों से भगत सिंह और राजगुरु प्रोजेक्ट में फ्लैट के नाम पर 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। वहीं, ओमेक्स के निदेशक (प्रशासन) मनोज तिवारी ने बताया कि राहुल कंपनी का अस्थायी कर्मचारी था। वर्ष 2023 में उसने फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों से निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में बुकिंग के नाम पर मोटी रकम ली थी। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया था। उसके पास से नौ स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट के पेपर भी मिले थे। 11 अगस्त 2023 को उससे कबूलनामा लिखवाकर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
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डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक, हरिराम की शिकायत पर मामले की जांच एसीपी को दी गई थी। एसीपी की जांच में ओमेक्स के चेयरमैन और एमडी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले। इसलिए उनके नाम मुकदमे में शामिल नहीं किए गए, जबकि पूर्व कर्मचारी राहुल सिंह व अन्य पर केस दर्ज किया गया था।
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हरिराम का आरोप था कि उनसे व 13 अन्य लोगों से भगत सिंह और राजगुरु प्रोजेक्ट में फ्लैट के नाम पर 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। वहीं, ओमेक्स के निदेशक (प्रशासन) मनोज तिवारी ने बताया कि राहुल कंपनी का अस्थायी कर्मचारी था। वर्ष 2023 में उसने फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों से निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में बुकिंग के नाम पर मोटी रकम ली थी। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया था। उसके पास से नौ स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट के पेपर भी मिले थे। 11 अगस्त 2023 को उससे कबूलनामा लिखवाकर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
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