यूपी में अभी कोरोना का सामुदायिक संक्रमण नहीं, रैंडम नमूने इकट्ठा कर हुई जांच में खुलासा
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उत्तर प्रदेश अभी कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण से बचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के बीते एक महीने से अधिक समय से विभिन्न वर्गों के लोगों के रैंडम नमूने इकठ्ठे करके जांच करने के अभियान में यह खुलासा हुआ है।
हॉकर्स, वेंडर, दुकानदारों, डिलीवरी मैन, मेडिकल स्टोर संचालकों, सब्जी व फल विक्रेताओं के नमूने इस दौरान लिए गए। अधिकतर वर्ग में एक फीसदी या उससे कम लोगों में ही कोरोना का संक्रमण पाया गया है।
प्रदेश में समुदाय में कोरोना संक्रमण के प्रसार का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 311 शहरी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के रैंडम नमूने लिए थे। कुल 4160 सैंपल की जांच में 75 नमूने पॉजिटिव पाए गए और 4085 निगेटिव मिले।
इस रैंडम अभियान में आंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, शामली, मुजफ्फर नगर, सुल्तानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद, मथुरा, श्रावस्ती, अलीगढ़, औरैया, बदायूं, बलिया, एटा, फिरोजाबाद, गाजीपुर, जालौन, कानपुर नगर, मेरठ और गौतम बुद्ध नगर के 30 शहरी झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में कोरोना संक्रमण मिला था।
संक्रमण वाले क्षेत्रों में एक्टिव कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू हुई
रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण वाले क्षेत्रों में एक्टिव कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू की थी, लेकिन संक्रमण खतरनाक स्तर पर फैला नहीं मिला था। इसी तरह सामुदायिक संक्रमण का पता लगाने के लिए फल व सब्जी बेचने वालों की कोरोना जांच कराई गई। इस अभियान में 5508 दुकानदारों के नमूने लिए गए। इनमें से 50 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह कुल नमूनों का एक फीसदी था।
इसी तरह दवा विक्रेताओं और सैनिटाइजेशन का कार्य करने वाले फ्रंट लाइन वर्कर की रैंडम सैंपलिंग की गई। सभी 75 जिलों में कुल 12299 नमूने लिए गए। इस जांच में 26 जिलों संक्रमण मिला, लेकिन मात्र 72 नमूने ही पॉजिटिव मिले जो सभी नमूनों का मात्र 0.58 प्रतिशत ही निकला।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित लोगों की संख्या के अनुसार अभी समुदाय स्तर पर संक्रमण बचा हुआ है।
गांवों में बेहतर मिली स्थिति
प्रदेश में बाहर से आए श्रमिकों और कामगारों के कारण ग्रामीण स्तर पर संक्रमण फैला की नहीं, इसका पता लगाने के लिए भी रैंडम नमूने लिए गए थे। इस अभियान में 18 जिलों के 4-4 गांव का चयन किया गया। कुल 72 गांव से सैंपल लेकर उनकी जांच कराई गई। जांच में परिणाम काफी उत्साहजनक रहे, क्योंकि एक भी नमूना पॉजिटिव नहीं आया था। यूनिसेफ की हेल्थ ऑफिसर डॉ. कनुप्रिया सिंघल का कहना है कि यदि समुदायिक संक्रमण फैला तो मृत्यु दर तेजी से बढ़ेगी। लेकिन प्रदेश में अभी मरीजों के स्वस्थ होने की दर अच्छी है।