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Lucknow News: नौ अल्ट्रासाउंड मशीन से कम होगी जांच की वेटिंग
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अब लाइन नहीं लगानी होगी। संस्थान में दो महीने के भीतर नौ अल्ट्रासाउंड मशीनें आ जाएंगी। इसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना करीब आठ हजार मरीज आते हैं। यहां चार हजार से ज्यादा मरीज लगातार भर्ती भी रहते हैं। इनमें से कई को अल्ट्रासाउंड जांच लिखी जाती है। इस वजह से जांच के लिए लंबी लाइन लगती है। इमरजेंसी के मरीजों को छोड़कर अन्य को आगे की तारीख दे दी जाती है। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने सरकार से अल्ट्रासाउंड के साथ ही अन्य मशीन के लिए बजट मांगा था। इनमें से अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए ही 3.55 करोड़ रुपये मिले थे। इस रकम से केजीएमयू प्रशासन नौ मशीनें खरीद रहा है। टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मशीन आने वाली हैं। अगले दो महीने में इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
कम होगी ट्रॉमा सेंटर की लाइन
ट्रॉमा सेंटर में काफी घायलों को इलाज दिया जाता है। इससे यहां जांच के लिए काफी वेटिंग होती है। नई अल्ट्रासाउंड मशीन में से दो ट्रॉमा सेंटर के लिए ही हैं। इनमें से एक इमरजेंसी मेडिसिन और एक कैजुअल्टी के लिए है। इससे यहां जांच के लिए लगने वाली लाइन कम होगी।
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यहां लगेंगी मशीनें
पीडियाट्रिक्स में 2 मशीनें, इमरजेंसी मेडिसिन, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी, पीडियाट्रिक आर्थो, कैजुएल्टी, रुमेटोलॉजी में एक-एक मशीनें।
Iकेजीएमयू में मरीजों को जांच के लिए इंतजार न करना पड़े, इसलिए बजट का बड़ा हिस्सा रेडियो डायग्नोसिस विभाग को दिया गया है। नई अल्ट्रासाउंड मशीन आने से जांच के लिए लाइन लगने की नौबत नहीं आएगी।I
I- प्रो. सोनिया नित्यानंद, कुलपतिI
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केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना करीब आठ हजार मरीज आते हैं। यहां चार हजार से ज्यादा मरीज लगातार भर्ती भी रहते हैं। इनमें से कई को अल्ट्रासाउंड जांच लिखी जाती है। इस वजह से जांच के लिए लंबी लाइन लगती है। इमरजेंसी के मरीजों को छोड़कर अन्य को आगे की तारीख दे दी जाती है। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने सरकार से अल्ट्रासाउंड के साथ ही अन्य मशीन के लिए बजट मांगा था। इनमें से अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए ही 3.55 करोड़ रुपये मिले थे। इस रकम से केजीएमयू प्रशासन नौ मशीनें खरीद रहा है। टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मशीन आने वाली हैं। अगले दो महीने में इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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कम होगी ट्रॉमा सेंटर की लाइन
ट्रॉमा सेंटर में काफी घायलों को इलाज दिया जाता है। इससे यहां जांच के लिए काफी वेटिंग होती है। नई अल्ट्रासाउंड मशीन में से दो ट्रॉमा सेंटर के लिए ही हैं। इनमें से एक इमरजेंसी मेडिसिन और एक कैजुअल्टी के लिए है। इससे यहां जांच के लिए लगने वाली लाइन कम होगी।
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यहां लगेंगी मशीनें
पीडियाट्रिक्स में 2 मशीनें, इमरजेंसी मेडिसिन, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी, पीडियाट्रिक आर्थो, कैजुएल्टी, रुमेटोलॉजी में एक-एक मशीनें।
Iकेजीएमयू में मरीजों को जांच के लिए इंतजार न करना पड़े, इसलिए बजट का बड़ा हिस्सा रेडियो डायग्नोसिस विभाग को दिया गया है। नई अल्ट्रासाउंड मशीन आने से जांच के लिए लाइन लगने की नौबत नहीं आएगी।I
I- प्रो. सोनिया नित्यानंद, कुलपतिI