UP: चुनाव आयोग को जुगाड़ आयोग बता अखिलेश ने AI प्रयोग पर की तल्ख टिप्पणी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिला जवाब
चुनाव आयोग को जुगाड़ आयोग कहकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने AI प्रयोग पर तल्ख टिप्पणी की थी। इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एआई के उपयोग को लेकर स्थिति साफ की है। आगे पढ़ें और जानें पूरा मामला...
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एआई का प्रयोग कर मतदाता सूची को शुद्ध किए जाने वाला समाचार भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित नहीं है। इस संबंध में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पोस्ट पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एक्स के माध्यम से ही स्थिति स्पष्ट कर दी है।
अखिलेश ने अपनी पोस्ट में चुनाव आयोग को जुगाड़ आयोग की संज्ञा देते हुए कहा था कि जब आयोग एआई से सवा करोड़ का अपना घपला पकड़ सकता है तो फिर हमारे द्वारा दिए गए 18000 में से केवल 14 एफिडेविट का जवाब देने के बाद बचे 17986 एफिडेविट का घपला क्यों नहीं पकड़ सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के हवाले से छपा था समाचार
इस पर सीईओ कार्यालय ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से मतदाता सूचियों में विद्यमान त्रुटियों को ढूंढ़कर उनका सुधार किए जाने का समाचार राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के हवाले से विगत दिनों उत्तर प्रदेश के समाचार पत्रों में छपा था।
राज्य निर्वाचन आयोग में स्थित पंचायतीराज संस्थाओं व नगरीय निकायों के निर्वाचन से संबंधित मतदाता सूचियों को बनाने और इन संस्थाओं व निकायों के चुनाव करवाने का कार्य करता है। जबकि, भारत निर्वाचन आयोग लोकसभा, विधानसभा एवं विधान परिषद के चुनावों से संबंधित मतदाता सूचियों को बनाने एवं उनके रखरखाव का कार्य करता है।
मूल शपथ पत्र मिलते ही होगी जांच
आयोग ने फिर दोहराया 18 हजार शपथ पत्रों का मामला भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश से संबंधित है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के कार्यालय में भी 4 सितंबर तक कोई भी शपथपत्र मूल रूप में प्राप्त नहीं हुआ है। इस शिकायत से संबंधित मूल शपथपत्र प्राप्त होते ही तत्परता से जांच पूरी कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।