{"_id":"6143ab388ebc3e84795e4709","slug":"newly-born-girl-baby-caught-in-garbage-lucknow-news-lko595891217","type":"story","status":"publish","title_hn":"हे जन्मदाता, इतनी निष्ठुरता क्यों? नवजात बच्ची को कूड़े में फेंका, लिपटी थीं चीटियां, नोच रहे थे कुत्ते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हे जन्मदाता, इतनी निष्ठुरता क्यों? नवजात बच्ची को कूड़े में फेंका, लिपटी थीं चीटियां, नोच रहे थे कुत्ते
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। मां की कोख में जिस बच्ची ने इस रंग-बिरंगी दुनिया के लिए न जाने कितने ख्वाब बुने होंगे, लेकिन कोख से बाहर आते ही उसकी आंखों के सामने मां की गोद और पिता के स्नेह की जगह तन्हाई थी, आसपास कूड़े का ढेर था, असुरक्षा थी और जन्म लेते ही जीवन के सामने संकट था। शरीर से चीटियां लिपटी थीं और कुत्ते नोच रहे थे। राजधानी में लगातार तीसरे दिन यह हृदयविदारक तस्वीर देखने को मिली। यानी तीसरे दिन तीसरी नवजात लावारिस हालत में पाई गई। इन वारदातों ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम उसी समाज में रह रहे हैं जहां बेटियाें को देवी मानकर पूजने की परंपरा है।
आशियाना थाना क्षेत्र में सूर्यबली गली, सनराइज अपार्टमेंट के पास कूड़े के ढेर में रोती मिली नवजात बच्ची मिली तो उसे देखकर हर शख्स का मन द्रवित हो गया जिससे चीटियां लिपटी थीं और कुत्ते नोच रहे थे। परी जैसी नाजुक इस बच्ची को फेंकने वाला आखिर इतना निष्ठुर कैसे हो सकता है। राजधानी में तीन दिन केभीतर तीसरी बच्ची को फेंकेजाने की घटना हिलाकर रख देने वाली है। बुधवार की रात आशियाना में कूड़े के ढेर पर मिली बच्ची और उसकी हालत, हमारे सभ्य समाज पर एक सवाल भी है। दो दिन पहले एक नवजात मलिहाबाद दूसरी मड़ियांव थाना क्षेत्र के अल्लूनगर में फेंकी गई थी। दोनों बच्चियां दो से तीन दिन की थीं।
चाइल्ड लाइन केन्द्र समन्वयक कृष्ण प्रताप शर्मा ने बताया कि चाइल्ड लाइन को लगातार तीसरे दिन तीसरी नवजात के फेंकेजाने की सूचना मिली। बच्ची को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहां उसका इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में बच्ची की देखभाल के लिए ड्यूटी पर तैनात बृजेन्द्र बताया कि सूर्यबली गली, सनराइज अपार्टमेंट के पास आशियाना थाना क्षेत्र में कूड़े के ढेर में नवजात शिशु मिली थी। चीटियां उससे लिपटी थीं और कुत्ते नोच रहे थे। रोने की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा हुई, पुलिस कंट्रोल रूम 112 को सूचना दी गई। नवजात को पहले नबीन ने देखा, उसकी सूचना चौकी प्रभारी को दिया। चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। टीम के सदस्य बृजेन्द्र शर्मा, अनीता त्रिपाठी थाना आशियाना पहुंचे। चाइल्ड लाइन के सुपुर्द करके बच्ची को लोक बंधु हास्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने संक्रमण की खतरा बताते हुए इलाज शुरू किया। बृजेन्द्र ने कहा कि अभी नवजात की नाल भी नहीं कटी है, बच्ची को पैदा होने के कुछ घंटे बाद ही फेंक दिया गया लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आशियाना थाना क्षेत्र में सूर्यबली गली, सनराइज अपार्टमेंट के पास कूड़े के ढेर में रोती मिली नवजात बच्ची मिली तो उसे देखकर हर शख्स का मन द्रवित हो गया जिससे चीटियां लिपटी थीं और कुत्ते नोच रहे थे। परी जैसी नाजुक इस बच्ची को फेंकने वाला आखिर इतना निष्ठुर कैसे हो सकता है। राजधानी में तीन दिन केभीतर तीसरी बच्ची को फेंकेजाने की घटना हिलाकर रख देने वाली है। बुधवार की रात आशियाना में कूड़े के ढेर पर मिली बच्ची और उसकी हालत, हमारे सभ्य समाज पर एक सवाल भी है। दो दिन पहले एक नवजात मलिहाबाद दूसरी मड़ियांव थाना क्षेत्र के अल्लूनगर में फेंकी गई थी। दोनों बच्चियां दो से तीन दिन की थीं।
विज्ञापन
चाइल्ड लाइन केन्द्र समन्वयक कृष्ण प्रताप शर्मा ने बताया कि चाइल्ड लाइन को लगातार तीसरे दिन तीसरी नवजात के फेंकेजाने की सूचना मिली। बच्ची को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहां उसका इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में बच्ची की देखभाल के लिए ड्यूटी पर तैनात बृजेन्द्र बताया कि सूर्यबली गली, सनराइज अपार्टमेंट के पास आशियाना थाना क्षेत्र में कूड़े के ढेर में नवजात शिशु मिली थी। चीटियां उससे लिपटी थीं और कुत्ते नोच रहे थे। रोने की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा हुई, पुलिस कंट्रोल रूम 112 को सूचना दी गई। नवजात को पहले नबीन ने देखा, उसकी सूचना चौकी प्रभारी को दिया। चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। टीम के सदस्य बृजेन्द्र शर्मा, अनीता त्रिपाठी थाना आशियाना पहुंचे। चाइल्ड लाइन के सुपुर्द करके बच्ची को लोक बंधु हास्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने संक्रमण की खतरा बताते हुए इलाज शुरू किया। बृजेन्द्र ने कहा कि अभी नवजात की नाल भी नहीं कटी है, बच्ची को पैदा होने के कुछ घंटे बाद ही फेंक दिया गया लगता है।
विज्ञापन