जगेंद्र ने खुद ही लगाई थी आग, उनके बेटे ने किया खुलासा
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उत्तर प्रदेश के पत्रकार जगेंद्र सिंह के बड़े बेटे राजवेंद्र सिंह ने शाहजहांपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट को 21 जुलाई को एक लिखित बयान दिया है। इसमें उन्होंने माना है कि उनके पिता ने खुद को आग लगाई थी।
राजवेंद्र ने बीबीसी से बातचीत में बताया, ''मेरे पिता उन लोगों के चक्कर में पड़ गए थे जो मंत्री राममूर्ति वर्मा को पद से हटाना चाहते थे।''
उन्होंने आगे बताया, ''उनके एक साथी थे जो हमेशा उनके साथ रहते थे। उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की है। साथ ही उन्होंने अस्पताल में यह बात मां को भी बताई थी।''
राजवेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दी थी वो कोर्ट ने निरस्त कर दी है और वो नहीं चाहते कि अब इस मामले की जांच सीबीआई करे।
क्या था मामला
जगेन्द्र सिंह को की इस साल जून में विवादास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। एक जून को जगेंद्र सिंह के घर पर पुलिस का छापा पड़ा था। इसके बाद आग से बुरी तरह से झुलसे हुए जगेंद्र सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया था।
तब जगेंद्र के परिजनों का आरोप था कि उन्हें जलाया गया है। इस मामले में नौ जून को प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा और एक दारोगा समेत छह लोगों के ख़िलाफ शाहजहांपुर के पुवायां थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस सबके बीच, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जगेंन्द्र के परिजन से मुलाकात कर उन्हें 30 लाख रपये सहायता देने का वादा किया था। साथ-साथ मृतक पत्रकार के दोनों बेटों को सरकारी नौकरी देने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया था।